46 करोड़ डॉलर घटकर 574.821 अरब डॉलर रह गया भारत का विदेशी मुद्रा भंडार

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भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 46.9 करोड़ डॉलर घटकर 574.821 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले 20 नवंबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.518 अरब डॉलर की भारी वृद्धि के साथ 575.29 अरब डॉलर हो गया था। 

समीक्षाधीन अवधि में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में भारी वृद्धि के बावजूद विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट रही। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, कुल विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होती है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार समीक्षावधि में एफसीए 35.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 533.455 अरब डॉलर हो गईं। एफसीए को दर्शाया डॉलर में जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती है। 

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश का स्वर्ण भंडार का मूल्य 82.2 करोड़ डॉलर घटकर 35.192 अरब डॉलर रह गया। देश को अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (आईएमएफ) में मिला विशेष आहरण अधिकार 20 लाख डॉलर की मामूली वृद्धि के साथ 1.494 अरब डॉलर और आईएमएफ के पास जमा मुद्रा भंडार 10 लाख डॉलर घटकर 4.679 अरब डॉलर रह गया।

विदेशी मुद्रा भंडार देश के केंद्रीय बैंकों द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य परिसंपत्तियां होती हैं, जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर देनदारियों का बुगतान करने में किया जाता है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। यह आयात को समर्थन देने के लिए आर्थिक संकट की स्थिति में अर्थव्यवस्था को बहुत आवश्यक मदद उपलब्ध कराता है। इसमें आईएमएफ में विदेशी मुद्रा असेट्स, स्वर्ण भंडार और अन्य रिजर्व शामिल होते हैं, जिनमें से विदेशी मुद्रा असेट्स सोने के बाद सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं।