15 अक्तूबर से बैंक बांटेंगे कर्ज, कारोबारियों के लिए पूंजी का संकट नहीं होगा -वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण

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वित्तमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि महामारी के दबाव से उबरने के लिए उद्योग जगत को पूंजी की कमी नहीं होने दी जाएगी। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के कार्यक्रम में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंक 15 अक्तूबर से अभियान चलाकर कर्ज बांटेंगे। 2019 में भी इसी तरह के अभियान के तहत 400 जिलों में 4.9 लाख करोड़ बांटे थे।

सीतारमण ने कहा, बैंकिंग सिस्टम में पूंजी बढ़ाने के लिए आरबीआई ने एक साल में ओपन मार्केट ऑपरेशन के जरिये छह लाख करोड़ डाले हैं। इसका इस्तेमाल अर्थव्यवस्था को उबारने में किया जा रहा है। अगले महीने से बैंक, एनबीएफसी व सूक्ष्म वित्तीय संस्थान मिलकर जरूरत के हिसाब से कर्ज बांटने का अभियान चलाएंगे। सरकार ने भी घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के विनिवेश के जरिये 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ जुटाने की योजना पर काम कर रही है।

पीएलआई व एनएमपी जैसी योजनाओं से उत्पादन और निर्माण को गति मिलेगी। पहली तिमाही में 20.1% विकास दर सराहनीय है। पूरी संभावना है कि इस साल विकास दर 9.5% रहेगी। सरकार के नीतिगत सुधारों का लाभ उद्योगों को भी मिल रहा है। -टीवी नरेंद्रन, अध्यक्ष, सीआईआई

सरकारी और निजी बैंकों का समूह सितंबर तिमाही में श्रेई समूह के 35,000 करोड़ के कर्ज को एनपीए घोषित कर सकते हैं। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने मामले में एनसीएलटी कोलकाता पीठ के आदेश को रद कर दिया है। बैंक अब एनपीए की कार्रवाई के साथ समूह के खिलाफ दिवालिया समाधान की भी मांग कर सकते हैं। समूह पर इंडियन बैंक के 2,000 करोड़, केनरा बैंक के 1,200 करोड़, एक्सिस व आईसीआईसीआई बैंक के 800-800 करोड़ बकाया हैं। यूको बैंक सहित अन्य कई बैंकों का भी कर्ज है।