कोरोना के प्रकोप के बीच इवेंट मैनेजमेंट के लिए लोगो का बदला नजरिया – आइये जानते है कोरोना काल में कितनी बदल गयी है इवेंट इंडस्ट्री

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HBN Events
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कोरोना महामारी दुनियाभर को दिन-प्रतिदिन आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद चिंतित कर रही है। इस महामारी ने इवेंट मैनेजमेंट व्यवसाय के लिए बड़ी मुसीबत ला दी है। जी हां, यह महामारी इवेंट मैनेजरों और ऑर्गेनाइजरों के लिए काल बन कर आया है, जिसे एचबीएन इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (लखनऊ) के सीईओ और संस्थापक मोहम्मद बदर बखूबी समझते हैं। कोरोना महामारी का समय इवेंट इंडस्ट्री के लिए बहुत चुनौती पूर्ण रहा है।

BHN News के सर्वे के अनुसार जहा पर इवेंट मैनेजमेंट की बड़ी कम्पनिया वर्चुअल इवेंट जैसी तकनीक पर आसरित हो गयी है और वही छोटे शहरों की कम्पनिया बंद होने की कगार पर आ गयी है, ऐसी ही एक लखनऊ स्तिथ कंपनी है HBN Events Pvt Ltd जिनके डायरेक्टर से BHN News की संवादाता ख़ुशी सोनकर ने वर्त्तमान स्थिति को लेकर बात चीत की-

मोहम्मद बदर ने बताया, लॉकडाउन के दौरान परिस्थितियां अविश्वसनीय रूप से तीव्र थीं। फिर भी, व्यापार को जरूरतों के तौर पर अनुकूलित करने कि आवश्यकता थी, उंहोंने कहा, बाजार के लिए हमारी प्रतिबद्धता बहुत बड़ी है, महामारी के दौरान बिज़नेस को नुक़्सान से बचा पाना मुश्किल था।

कोविड के कारण चल रहे कोलाहल के कारण व्यवसाय पूर्ण रूप से स्थायी है। सभी लोग यह कोशिश कर रहे है कि इस दुर्भाग्य को कैसे हराया जाए।

दरअसल, मोहम्मद बदर मानते हैं कि करियर के रूप में इवेंट मैनेजमेंट एक चुनौतीपूर्ण फील्ड है, क्योंकि इसमें आपको काम के सिलसिले में नए लोगों से मिलना, नए तरीके के इवेंट को ऑर्गेनाइज करना और यात्रा करनी पड़ती है, जो काफी रोमांचक होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण होता है। वहीं, इस पेशे में एक विस्तार टीमवर्क की जरूरत होती है।

अब ऐसे में सवाल उठता है कि इवेंट मैनेजमेंट के व्यवसाय में जो इवेंट ऑर्गेनाइजर और मैनेजर पहले से काम कर रहे हैं, खासकर, छोटे शहर के ऑर्गेनाइजर और मैनेजर, वो सोचने पर मजबूर हो गए है कि इवेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में उनका भविष्य सुरक्षित है या नहीं? 

इसके साथ ही क्या आप जानते हैं कि आने वाले भविष्य में जो स्टूडेंट्स इवेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में खुद का करियर बनाना चाहते हैं अब वो इंडस्ट्री में आने से डर रहे हैं, क्योंकि कोविड की वजह से इंडस्ट्री में सभी काम बंद हैं। वहीं, अब इंडस्ट्री में स्थिरता की कोई उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है। हम यूं कहें तो आगे क्या होगा इसके बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता। 

वैसे, देखा जाए तो जिन परियोजनाओं में पहले से ही इन्वेस्टमेंट हो चुका है या जो थोड़ी बहुत बचत है, उससे ही इंडस्ट्री का काम चल रहा है। वहीं, इस महामारी के चलते इवेंट मैनेजमेंट के कर्मचारियों को वेतन देना भी कंपनियों को भारी पर रहा है। 

मगर सवाल तो ये है कि ऐसा कब तक चलेगा। आखिर इवेंट इंडस्ट्री के लिए कोई ना कोई तो हल होना चाहिए, जैसे बाकी अन्य इंडस्ट्रियों में हुआ है।

फिलहाल, गौर करने वाली बात यह है कि अगर सरकार ने इवेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के बारे में कुछ नहीं सोचा, तो क्या आने वाले भविष्य में कोई भी युवा इस इंडस्ट्री में अपना करियर बनाना चाहेगा। 

वहीं, इवेंट की कंपनियों, मैनेजर, ऑर्गेनाइजर और कर्मचारी को और कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, जिसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।

मोहम्मद बदर ने कहा की उन्हें उम्मीद है की आने वाले वक्त में इवेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री पुनः समान्य होगी।