दिल्ली सरकार जल्द कर सकती है स्कूल खोलने का ऐलान

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delhi government bight open schools
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देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर ने बच्चों की पढ़ाई पर ब्रेक लगा दिया था. वहीं, अब कोरोना की दूसरी लहर की समाप्ति के बाद वायु प्रदूषण और कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉम का भी प्रकोप बना हुआ है. ऐसे में कोरोना के कम होते मामलों और छात्रों का 100 फीसदी वैक्सीनेशन होने के क्रम में दिल्ली सरकार ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के सामने स्कूलों की बड़ी कक्षाएं खोलने का प्रस्ताव रख सकती है. कोशिश है कि सभी जिलों में एक साथ स्कूल न खोले जाएं. हालांकि पहली प्राथमिकता उनको दी जाए, जहां कोरोना के मामले कम होने के साथ वैक्सीनेशन भी 100 फीसदी हो गया हो.

दरअसल, डिप्टी CM मनीष सिसोदिया का दावा है कि लाभार्थी 15 से 18 साल की उम्र के छात्रों का पूर्ण वैक्सीनेशन स्कूलों को ऑनलाइन से फिजिकल मोड में शिफ्ट करने में मददगार साबित होगा. हालांकि दिलचस्प देखना ये हैं यह कि सरकारी स्कूलों में लगभग 3 हफ्ते में 85 फीसद छात्रों को वैक्सीन लग गई है. वहीं, शिक्षा निदेशालय का 30 जनवरी तक 100 फीसदी वैक्सीनेशन करवाने का टारगेट रखा है. हालांकि, निजी और ऐडेड स्कूलों में वैक्सीनेशन की गति धीमी हो गई है.

हीं, सरकारी स्कूलों के वैक्सीनेशन के आंकड़ो के बारे में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया कि राजधानी के 15 में से 12 एजुकेशन जिलों के सरकारी स्कूलों में 85 फीसद बच्चों को वैक्सीन लग गया है, जिनमें से 300 ऐसे भी स्कूल हैं, जहां यह आंकड़ा 90 फीसदी तक पहुंच गया है. वहीं, दूसरी ओऱ प्राइवेट स्कूलों का प्रदर्शन अभी तक निराशाजनक रहा है. जहां पर बीते 21 जनवरी तक मात्र 42 फीसदी छात्रों को टीका लग सका है. ऐसे में पूर्वी जिले को छोड़ दें, तो बाकी सभी जिलों में किसी स्कूल का यह आंकड़ा 50 फीसदी तक नहीं पहुंच पाया है. हालांकि प्राइवेट स्कूलों में टीका लगवाने के पात्र छात्रों की संख्या करीब 3.50 लाख है, लेकिन अभी 2 लाख को भी टीका नहीं लगा है. जबकि एडेड स्कूलों में भी अभी सिर्फ 57 फीसदी को वैक्सीन लगी है.

बता दें कि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के मुताबिक, कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सरकारी स्कूलों में जिस गति से काम हो रहा है, वह काबिले तारीफ है. ऐसे में कोरोना के इस मुश्किल हालात में पढ़ाई से लेकर वैक्सीनेशन तक में टीचरों ने अहम भूमिका अदा कर रहे हैं. जहां पर100 फीसदी वैक्सीनेशन पढ़ाई को ऑनलाइन से ऑफ लाइन शिफ्ट करने में मददगार होगा. अब जहां कोरोना के मामले कम हो रहे हैं और बड़ी क्लासों के ज्यादातर बच्चों को वैक्सीन लग चुकी है वहां के स्कूलों को खोलने का प्रस्ताव DDMA के सामने रखा जा सकता है.