कोविड-19 के डेल्टा + वेरिएंट ने बढ़ाई टेंशन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश को किया अलर्ट

    446
    Centre instructions to state government

    प्रधानमंत्री के एलान के बाद से 21 जून यानी योग दिवस के मौके पर कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरुआत हो गई। स्वास्थ मंत्रालय के अनुसार भारत में इस दिन लोगों को रिकॉर्ड 88.09 लाख खुराकें लगाई गईं जो कि अब तक सबसे अधिक थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट भारत सहित 80 देशों में पाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि डेल्टा प्लस 9 देशों में पाया गया है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विटजरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस का नाम शामिल है। जबकि भारत में इसके 22 मरीज मिले हैं। 

    वहीं इस डेल्टा प्लस वेरिएंट के लिए भारत सरकार ने महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश को सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि इन राज्यों के कुछ जिलों में इनके मरीज मिले हैं। राज्यों के मुख्य सचिवों को सलाह दी गई है कि वे जिलों और समूहों में तत्काल रोकथाम के उपाय करें।   

    टीका आपूर्ति रोकने की खबर गलत: स्वास्थ्य मंत्रालय
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केंद्र ने सुनिश्चित किया था कि राज्य सीधी खरीद श्रेणी के तहत कोविड-19 टीकों की पूरी आपूर्ति संबंधित प्रदेशों को 21 जून से पहले उपलब्ध हो जाए। मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि मीडिया में आई खबरों में आरोप लगाया गया है कि मुफ्त कोविड-19 टीकाकरण अभियान के दौरान दिल्ली सरकार को 18 से 44 वर्ष आयु समूह के लिए मुफ्त टीके की आपूर्ति नहीं की गई है।

    बयान में कहा गया है कि यह स्पष्ट किया जाता है कि भारत सरकार ने राज्य सीधी खरीद श्रेणी के तहत कोविड-19 टीकों की पूरी आपूर्ति संबंधित प्रदेशों को 21 जून तक मुहैया करना सुनिश्चित किया था।  डाटा के मुताबिक, राज्य सीधी खरीद श्रेणी के तहत आंवटित 5.6 लाख खुराक दिल्ली को टीका विनिर्माताओं ने 21 जून से पहले आपूर्ति कर दी गई।

    बयान में कहा गया है कि इसके अलावा 8.8 लाख खुराक केंद्र की खरीद के तहत दिल्ली को मुफ्त में दी गई तथा और अधिक खुराक भी मिलने वाली है, जिसकी आपूर्ति जून अंत तक होगी। बयान में कहा गया है कि 22 जून तक दिल्ली के पास कोविड टीकों की ऐसी 9.9 लाख से अधिक खुराक है, जिन्हें उपयोग में नहीं लाया गया है।

    बयान में कहा गया है कि 21 जून से राज्य सरकार और भारत सरकार की टीकों की आपूर्ति का इस्तेमाल 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए किया जाएगा। दरअसल, प्राथमिकता प्राप्त श्रेणियों के सभी समूहों को अब एकीकृत कर दिया गया है और उन्हें सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों में मुफ्त टीका लगाया जाना है।