देश में टीकाकरण का आंकड़ा 64 करोड़ के पार, बीते दिन 53 लाख से ज्यादा लोगो लगाई गई वैक्सीन

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    vaccination program completes one year

    कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ चल रहे देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत टीकाकरण का कुल आंकड़ा सोमवार को 64 करोड़ को पार कर गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से साझा की गई। मंत्रालय ने एक अन्य ट्वीट में बताया कि सोमवार की शाम सात बजे तक देश में कोरोना वायरस रोधी टीके की 53 लाख से अधिक खुराकें लगाई गईं।

    राज्यों को केंद्र ने दिए 63 करोड़ से अधिक टीके
    केंद्र सरकार ने अब तक विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना वायरस टीके की 63.09 करोड़ से अधिक खुराकों की आपूर्ति की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि टीकों की यह आपूर्ति मुफ्त और प्रत्यक्ष राज्य खरीद श्रेणी के तहत की गई है। मंत्रालय ने आगे बताया कि 21 लाख 76 हजार 930 खुराकें पाइपलाइन में हैं, जो जल्द ही पहुंच जाएंगी।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान की रफ्तार को पूरे देश में बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नए चरण में, केंद्र सरकार देश में टीका निर्माताओं की ओर से बनाए किए जा रहे 75 फीसदी टीकों की खरीद और राज्यों को मुफ्त में आपूर्ति करेगी।
    मुंबई में लगातार छठे दिन दैनिक मामले 300 से अधिक
    महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 334 नए मामले दर्ज किए गए और 310 लोग ठीक हुए। यह लगातार छठा दिन है जब दैनिक मामलों की संख्या 300 के ऊपर रही है। शहर में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या अब सात लाख 43 हजार 832 हो गई है। वहीं, इसी अवधि में दो संक्रमितों की मौत के साथ इस बीमारे के चलते जान गंवाने वालों की संख्या अब 15,976 हो गई है। शहर में इस समय कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 3056 है। 
    कर्नाटक: केरल से आने वालों के लिए आरटी-पीसीआर रिपोर्ट जरूरी
    कर्नाटक में केरल के साथ सीमा पर लोगों की आवाजाही को लेकर लागू प्रतिबंध लागू रहेंगे। राज्य के दक्षिण कन्नड़ जिले के उपायुक्त केवी राजेंद्र ने सोमवार को उन रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण दिया जिनमें कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने राज्यों की सीमा पार करने के लिए कोरोना की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अनुसार केरल से आने वालों को अनिवार्य रूप से जांच रिपोर्ट दिखानी होगी।

    राजेंद्र ने आगे कहा कि केरल में इस समय रोज 30 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं और पड़ोसी कासरगोड जिले में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 12 फीसदी के करीब है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति नियंत्रण में नहीं है और इसके चलते जिले में महामारी की स्थिति बेकाबू न हो, केरल से आने वाले लोगों के लिए कोरोना वायरस की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाना फिलहाल के लिए अनिवार्य रखा गया है।
    रांची में कुछ ऐसी है तीसरी लहर से निपटने की तैयारी
    झारखंड की राजधानी रांची के मुख्य चिकत्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विनोद कुमार ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को लेकर कहा कि हमने बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई (पीआईसीयू) और नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) वार्ड तैयार किए हैं। पीआईसीयू में हमारे पास 27 आईसीयी और 24 एचडीयू बेड हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम एनआईसीयू वार्ड में स्थित 16 बेड वाले विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) का इस्तेमाल करेंगे।

    सीएमओ ने कहा कि वयस्कों के लिए हमारे पास एक 50 बिस्तरों का आईसीयू है। यहां 250 सामान्य बिस्तर भी उपलब्ध हैं जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर कोविड वार्ड में तब्दील किया जा सकता है। सभी बिस्तरों पर पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि हमें 11 से 12 बाल रोग विशेषज्ञों की जरूरत है लेकिन हमारे पास केवल सात ऐसे विशेषज्ञ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हमने इस संबंध में अपनी मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों को लिखा है।