नए साल पर चीन के राष्ट्रपति का देश को संबोधन, ताइवान समेत कई मुद्दों पर बोले

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नए साल के अपने संबोधन में ताइवान और मुख्यभूमि चीन के एकीकरण की ‘आकांक्षा’ जाहिर की. उन्होंने सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) की उपलब्धियों का बखान किया और हाल में हुई उस महत्वपूर्ण बैठक का जिक्र किया, जिसमें उनके सत्ता में अभूतपूर्व तीसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया है. शी का राष्ट्र के नाम संबोधन टेलीविजन के जरिए प्रसारित हुआ.

इसमें उन्होंने कहा, ‘हमारी मातृभूमि के पूर्ण एकीकरण की आकांक्षा ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों ओर के लोगों की है.’ अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य पश्चिमी देशों की ओर से बनाए गए दबाव और ताइपे को उनके द्वारा समर्थन करने की पृष्ठभूमि में शी द्वारा ताइवान का जिक्र करना कई मायनों में महत्वपूर्ण है. चीन स्वशासी ताइवान को मुख्यभूमि का हिस्सा बताता है. उसने हाल के महीनों में ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में सैन्य विमानों को उड़ाकर तनाव काफी बढ़ा दिया. उसने ताइवान के निकट सैन्य अभियान भी संचालित किए.

संक्रमण को देखते हुए चीन में शंघाई सरकार ने हुआंगपु नदी पर वार्षिक लाइट शो सहित कई कार्यक्रम रद्द कर दिए. वहीं, बीजिंग में सार्वजनिक जश्न की कोई योजना नहीं है. ये फैसले कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लिए गए हैं. कोरोना वायरस इसी देश से पूरी दुनिया में फैला है. चीन हमेशा से ही कोविड-19 नियमों के प्रति सख्त रहा है. हाल ही में इस देश में उन लोगों को कड़ी सजा दी गई थी, जिन्होंने कोरोना नियमों को नहीं माना. यहां इन लोगों को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया गया. गुआंग्शी के जिंगशी शहर में लोगों को सफेद सूट पहनाकर उनकी परेड निकाली गई.