पंजाब: नवजोत सिंह सिद्धू का शक्ति प्रदर्शन जारी, 5 मंत्री समेत 35 MLA आए साथ, बोले- यात्रा अभी शुरू हुई है

438

कैलाश नाथ, चंडीगढ़। कांग्रेस का प्रदेश प्रधान बनने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने सेक्टर 2 स्थित मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास के निकट अपनी ताकत दिखाई। नए प्रधान के स्वागत के लिए तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के सरकारी आवास पर हाई टी रखी, जिसमें कांग्रेस के 5 मंत्री समेत करीब 35 विधायक पहुंचे।

पूर्व प्रधान प्रधान सुनील जाखड़ भी इस मौके पर मौजूद थे। कल तक कैप्टन का समर्थन करने वाले गिल विधान सभा के विधायक कुलदीप वैद्य और भोआ के विधायक जोगिंदर पाल भी इस मौके पर मौजूद थे। सिद्धू जिस समय अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने सरकारी आवास पर मौजूद थे। हालांकि सिद्धू के शक्ति प्रदर्शन से 11 मंत्रियों ने दूरी बनाए रखी।

प्रदेश प्रधान बनने के बाद सिद्धू सोमवार को पहली बार चंडीगढ़ पहुंचे। इससे पहले सिद्धू नवनियुक्त कार्यकारी प्रधान कुलजीत नागरा के मोहाली स्थित आवास पर गए। सिद्धू की गाड़ी का स्टेरिंग जहां अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने संभाला तो साथ में कुलबीर जीरा बैठे। नागरा के यहां पर केक काटने के बाद सिद्धू का काफिला जैसे-जैसे आगे बढ़ा विधायक व कांग्रेसी नेता उनके साथ जुड़ते रहे।

सिद्धू यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रधान व कैप्टन के करीबी बरिंदर ढिल्लो के घर पर भी पहुंचे। उसके बाद वह सुनील जाखड़, कैबिनेट मंत्री राजिया सुल्ताना के यहां होते हुए बाजवा की कोठी पर पहुंचे। यहां पर उनके स्वागत के लिए कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चरणजीत सिंह चन्नी समेत तीन दर्जन के करीब विधायक मौजूद थे।

सिद्धू ने भले ही मीडिया से दूरी बनाए रखी, लेकिन ट्विटर पर उन्होंने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा पंजाब माडल और हाईकमान के 18 सूत्रीय कार्यक्रम और मिशन जितेगा पंजाब को पूरा करने कांग्रेस हरेक सदस्य का सहयोग लिया जाएगा। बाजवा के कोठी पर सिद्धू के समर्थन में 5 मंत्री और 35 के करीब विधायकों ने एकजुट होकर यह संकेत दे दिया कि वह कांग्रेस हाईकमान के फैसले के साथ है।

सिद्धू ने बाद में राजिंदर कौर भट्ठल के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद सिद्धू चन्नी के साथ उनकी कार पर बैठकर स्पीकर राणा केपी और विधायक रणदीप नाभा के घर पर भी गए। सिद्धू ने इस दौरान सबसे सहयोग करने की मांग की। इस मौके पर नए कार्यकारी प्रधान सुखिमंदर सिंह डैनी, संगत सिंह गिलजियां और पवन गोयल मौजूद नहीं थे, जबकि सिद्धू के साथ चल रहे अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, पंजाब की तस्वीर ही नहीं तकदीर भी बदलेगी। सिद्धू के नए प्रधान बनने को लेकर कांग्रेस में खासा जोश देखा जा रहा है।

11 मंत्री समेत 45 विधायक अभी नहीं आए साथ

नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में भले ही 5 मंत्री समेत करीब 35 विधायक एकजुट हुए, लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत 11 मंत्रियों व 34 विधायकों ने फिलहाल दूरी बनाए रखी। अहम बात यह है कि लुधियाना से कुलदीप वैद्य को छोड़कर बाकी के विधायकों ने सिद्धू के स्वागत में रखे गए हाई टी के आयोजन से दूरी बनाए रखी।

कैप्टन से मिलने की नहीं हुई कोशिश

प्रधान बनने के बाद सिद्धू हरेक के घर जाकर मिल रहे थे, लेकिन सबकी नजरें इस बात पर टिकी हुई थी क्या वह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए भी जाएंगे, क्योंकि जिस समय सिद्धू सेक्टर 2 में मंत्रियों व नेताओं से मिल रहे थे, मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर ही मौजूद थे, लेकिन सिद्धू ने कैप्टन से मिलने की जहमत नहीं उठाई। हालांकि मुख्यमंत्री ने भी प्रधान बनने के बाद अभी तक सिद्धू को बधाई नहीं दी है।

बता दें कि कैप्टन ने प्रदेश प्रभारी हरीश रावत को पहले ही बता दिया था कि वह सिद्धू के साथ तब चलेंगे जब सिद्धू सार्वजनिक रूप से उनसे माफी मांगे, क्योंकि सिद्धू ने अपने ट्विटर अकाउंट पर उनके व उनकी सरकार के खिलाफ काफी कुछ बोला है।

कैप्टन खेमा वेट एंड वाच की भूमिका में

सिद्धू के समर्थन में भले ही कांग्रेस के 5 मंत्री व 35 विधायक एकजुट हुए हो, लेकिन कैप्टन खेमे ने अभी चुप्पी साध रखी है। मुख्यमंत्री ने पटियाला के विकास प्रोजेक्टों को लेकर अपनी रुटीन की बैठकों में हिस्सा लिया। कैप्टन खेमे की चुप्पी सभी को अखर रही है, क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि कैप्टन हाईकमान के इस फैसले के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठा सकते है। वहीं, दिनभर चर्चा चलती रही कि मुख्यमंत्री ने भी बैठक बुलाई हुई है। फिर चर्चा उठी की कैप्टन ने 21 जुलाई को विधायकों को लंच पर बुलाया हुआ है। हालांकि बाद में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने इस सभी चर्चाओं का खंडन कर दिया।

यह मंत्री व विधायक थे मौजूद

कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चरणजीत सिंह चन्नी, रजिया सुल्ताना के अलावा विधायकों में परमिंदर पिंकी, कुलजीत नागरा, तरसेम डीसी, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, नाजर सिंह मानशाहिया, धर्मवीर अग्रिहोत्री, कुशलदीप ढिल्लों, सतकार कौर, निर्मल शुतराना, सुनील दत्ती, दबिंदर घुबाया, कुलबीर जीरा, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, प्रीतम सिंह कोटभाई, दर्शन बराड़, मदनलाल जलालपुर, सुरजीत धीमान, नत्थु राम, जोगिंदर पाल, चौधरी सुरेंदर सिंह, सुखजीत सिंह काका लोहगढ़, गुरकीरत कोटली, लखबीर सिंह लक्खा, अमित विज समेत सुनील जाखड़ और बरिंदर ढिल्लों मौजूद थे।

सुबह सिद्धू के साथ शाम को कैप्टन के साथ

दो विधायक निर्मल सिंह शुतराना और मदनलाल जलालपुर सुबह नवजोत सिंह सिद्धू के साथ दिखाई दे रहे थे। शाम को इन दोनों ही विधायकों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने पटियाला के विकास कार्यों को लेकर बैठक बुलाई हुई थी। पटियाला जिले से संबंधित होने के कारण यह दोनों ही विधायक बैठक में मौजूद थे।