केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह: संपत्ति बेचें या नहीं, जम्मू-कश्मीर के लोगों को यह तय करने का हक

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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा, अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35-ए हटने के बाद भूमि कानूनों में बदलाव कर पूरे भारत के लोगों को जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने की मंजूरी दी गई। हालांकि, इस बदलाव के बावजूद जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के लोगों को यह तय करने का हक होगा कि वे अपनी संपत्ति बेचें या नहीं। 

जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि कश्मीर केंद्रित तथाकथित मुख्यधारा के नेताओं को अब इस बात से परेशानी महसूस हो रही है, क्योंकि वे जम्मू क्षेत्र में बेहद आसानी से कम कीमत में सपंत्तियों को खरीदने में सक्षम नहीं होंगे। खरीदारों का दायरा पूरा भारत होने से अब जम्मू के लोग मनचाही कीमत पर अपनी संपत्ति बेच सकेंगे।

नए भूमि कानून के तहत कहीं भी जबरन कब्जा या किसी की संपत्ति पर कब्जा या मालिक की सहमति के बगैर संपत्ति की खरीद नहीं की जा सकेगी। अगर ऐसा हुआ तो सबसे पहले गुपकार बंगलों को कब्जे में लिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर में गुपकार रोड स्थित बंगले में रहते हैं। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा, तथाकथित कश्मीरी नेताओं को जम्मू के लोगों को बाहरियों से अपनी जमीन की रक्षा करने की चेतावनी देने से पहले अपने-अपने बंगले की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। डल झील के पास गुपकार रोड बेहद मनपसंद स्थल है।