भुवनेश्वर कुमार ने जीता बड़ा खिताब – चुने गए आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ, रिषभ पंत और आर अश्विन भी चुने गए थे बेस्ट खिलाड़ी

579

भारतीय क्रिकेट टीम के बेहतरीन तेज गेंदबाज भुवेनश्वर कुमार ने मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ अपनी सरजमीं पर सिमित ओवरों की सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था और इसके लिए आइसीसी ने उन्हें मार्च महीने का सर्वश्रेष्छ खिलाड़ी चुना है। भुवी ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ 4.65 की औसत से छह विकेट चटकाए थे जबकि पांच मैचों की टी20 सीरीज में उन्होंने चार विकेट लिए थे और उनका औसत 6.38 का रहा था।

भुवनेश्वर कुमार ने आइसीसी की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा कि, लंबे और दर्दनाक ब्रेक के बाद भारत के लिए फिर खेलने की खुशी थी। मैने इस दौरान अपनी फिटनेस और तकनीक पर काफी काम किया । भारत के लिए फिर विकेट लेकर अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि मैं इस सफर में शुरू से मेरे साथी रहे हर व्यक्ति को धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरा परिवार, दोस्त और साथी खिलाड़ी। आइसीसी वोटिंग अकादमी और मुझे मार्च महीने का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनने के लिए वोट देने वाले सभी प्रशंसकों को खास तौर पर धन्यवाद।

भुवनेश्वर यह पुरस्कार पाने वाले लगातार तीसरे भारतीय क्रिकेटर बन गए। जनवरी में पहला पुरस्कार विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत को मिला था जबकि फरवरी में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पुरस्कार जीता था। भुवनेश्वर के अलावा अफगानिस्तान के लेग स्पिनर राशिद खान और जिम्बाब्वे के सीन विलियम्स भी दौड़ में थे। भारत के पूर्व बल्लेबाज और आइसीसी वोटिंग अकादमी के सदस्य वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘भुवी करीब डेढ़ साल चोटों के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सका था। उसने शानदार वापसी करते हुए पावरप्ले और डैथ ओवरों में इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजों के सामने अच्छा प्रदर्शन करके भारत की जीत की नींव रखी।’

भारत के खिलाफ चार वनडे में एक शतक और दो अर्धशतक जमाकर महिला बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंची दक्षिण अफ्रीका की लिजेले ली सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी चुनी गईं। उन्होंने कहा,‘मुझे खुशी है कि मुझे इस पुरस्कार के लिए चुना गया। यह और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। मेरी टीम को धन्यवाद जिसके बिना यह संभव नहीं था।’ आइसीसी वोटिंग अकादमी के सदस्य रमीज राजा ने कहा कि, इन पिचों पर बल्लेबाजी आसान नहीं थी। उछालभरी पिचों से टर्निग पिचों पर तालमेल बिठाना कठिन है लेकिन ली ने यह बखूबी किया।