अनुराग कश्यप ने कहा- चीन पर चढ़ाई कर दे बहन, कंगना रनौत ने दिया जवाब – इतने मंदबुद्धि कब से हो गए

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फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) ने एक ट्वीट में कंगना रनौत (Kangana Ranaut) से देश की ओर से चीन से लड़ने का आग्रह किया था। अपने ट्वीट में अनुराग ने व्यंग्य करते हुए कहा कि कंगना सच्ची मणिकर्णिका हैं, और उन्हें चीन से लोहा लेने के लिए बॉर्डर पर भेजा जाना चाहिए। इसपर कंगना ने पलटवार किया हैं।

अनुराग ने हिंदी में लिखा, ‘बस एक तू ही है बहन – इकलौती मणिकर्णिका। तू ना चार पाँच को ले के चढ़ जा चीन पे। देखो कितना अंदर तक घुस आए हैं। दिखा दे उनको भी कि जब तक तू है इस देश का कोई बाल भी बाँका नहीं कर सकता। तेरे घर से एक दिन का सफर है बस LAC का। जा शेरनी। जय हिंद।’

दरअसल कंगना ने एक ट्वीट में हिंदी में लिखा था, ‘मैं एक क्षत्राणी हूं। सर कटा सकती हूं, लेकिन सर झुका सकती नहीं! राष्ट्र के सम्मान के लिए हमेशा आवाज बुलंद करती रहूंगी। मान, सम्मान, स्वाभिमान के साथ जी हूं और गर्व से राष्ट्रवादी बनकर जीती रहूंगी! सिद्धांत के साथ नहीं कभी समझौता की हूं नहीं कभी करूंगी! जय हिंद।’

कंगना के इसी ट्वीट पर अनुराग कश्यप ने चुटकी ली थीं। कंगना ने अनुराग के ट्वीट के जवाब में हिंदी में लिखा, ‘ठीक है मैं बॉर्डर पे जाती हूँ आप अगले ओलम्पिक्स में चले जाना, देश को गोल्ड मेडल्स भी चाहिए। हा हा हा यह सब कोई बी ग्रेड फ़िल्म नहीं है, जहां कलाकार कुछ भी बन जाता है, आप तो मेटफ़ॉर्ज़ को लिटरली लेने लगे, इतने मंदबुद्धि कब से हो गए, जब हमारी दोस्ती थी तब तो काफी चतुर थे।’

इससे पहले अनुराग ने एक साक्षात्कार में कहा था कि वह कंगना के बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन 2015 के बाद उनके रिश्ते में खटास आ गई। हिंदी में ट्वीट्स की एक श्रृंखला में अनुराग ने लिखा था, ‘मैंने कल कंगना का साक्षात्कार देखा। वह एक समय में मेरी बहुत अच्छी दोस्त हुआ करती थी। वह मेरी फिल्मों के लिए मुझे प्रोत्साहित करती थीं। लेकिन मैं इस नई कगना को नहीं जानता। और मैंने उनका यह डरावना साक्षात्कार देखा, जो मणिकर्णिका के रिलीज होने के ठीक बाद का है। सफलता और दृढ़ता का नशा हर किसी को समान रूप से आकर्षित करता है, चाहे वह अंदरूनी हो या बाहरी। मेरे से सीखो, मेरे जैसा बनो। मैंने इसे 2015 से पहले कभी नहीं सुना। और तब से, यह बात सामने आई है कि जो लोग मेरे साथ नहीं हैं, वो सभी मतलबी और चाटुकार हैं।’