अमित शाह ने कहा – अन्याय का समय खत्‍म, विकास के युग में कोई खलल नहीं डाल पाएगा

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जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित जाने के बाद पहली बार राज्‍य के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने जम्‍मू में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, मैं आज जम्मू ये कहने आया हूं कि जम्मू वालों के साथ अन्याय का समय समाप्त हो चुका है, अब कोई आपके साथ अन्याय नहीं कर सकता. यहां पर विकास का जो युग शुरू हो रहा है उसमें खलल पहुंचाने वाले, खलल डाल रहे हैं, लेकिन विकास के युग में कोई खलल नहीं डाल पाएगा.

जम्मू में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ”…विकास के जो युग की शुरुआत हुई है, उसे कोई नहीं रोक सकता.” जम्मू और कश्मीर यह मंदिरों की भूमि है, माता वैष्णो देवी की, प्रेम नाथ डोगरा की, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बलिदान की भूमि है. हम जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने वालों को सफल नहीं होने देंगे. अगर युवा जम्मू कश्मीर के विकास में शामिल होंगे तो आतंकवादी अपने नापाक मंसूबों में विफल हो जाएंगे.

ये तीन परिवार वाले मुझसे सवाल पूछ रहे थे कि क्या देकर जाओगे?
जम्मू में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, कल ये तीन परिवार वाले मुझसे सवाल पूछ रहे थे कि क्या देकर जाओगे? मैं तो हिसाब लेकर आया हूं कि क्या देकर जाऊंगा. मगर 70 साल तीन परिवार वालों ने जम्मू-कश्मीर में राज किया, आपने क्या दिया इसका हिसाब लेकर आओ.

मोदी जी ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म किया
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री मोदी जी ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म किया. इससे जम्मू-कश्मीर के लाखों लोगों को अपने अधिकार प्राप्त हुए. अब भारतीय संविधान के सभी अधिकार यहां के सभी लोगों को मिल रहे हैं.

आपका शोषण करने वाले 3 परिवार मजाक उड़ाते थे
गृह मंत्री ने कहा, जब हमने नई औद्योगिक नीति पेश की तो आपका शोषण करने वाले 3 परिवार मजाक उड़ाते थे कि यहां कौन आएगा. लेकिन पीएम मोदी के इस कारनामे से अब तक 12,000 करोड़ रुपए का निवेश आया है. मैं आपको बताना चाहता हूं कि 2022 से पहले 51,000 करोड़ रुपए का निवेश आएगा…युवाओं के लिए लाखों नौकरियां देगा.

जम्मू-कश्मीर में अब सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हो चुकी है
शाह ने कहा, एक जमाना था कि जम्मू-कश्मीर में कहने को पांच मगर चार ही मेडिकल कॉलेज थे. आज मैं आपको बताने आया हूं कि जम्मू-कश्मीर में अब सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हो चुकी है. पहले 500 विद्यार्थी यहां से MBBS कर सकते थे, अब लगभग 2,000 विद्यार्थी यहां MBBS कर पाएंगे.

हमारा लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक हिंसा में न मारा जाए और जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का सफाया हो
गृह मंत्री ने कहा, कुछ लोग सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं. 2004-14 के बीच, 2081 लोगों ने अपनी जान गंवाई, प्रति वर्ष 208 लोग मारे गए. 2014 से सितंबर 2021 तक 239 लोगों ने अपनी जान गंवाई. हम संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि हम एक ऐसी स्थिति बनाना चाहते हैं, जहां किसी की जान न जाए और आतंकवाद पूरी तरह से समाप्त हो जाए. शाह ने कहा, हमारा लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक हिंसा में न मारा जाए और जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का सफाया हो. इससे पहले, अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच शाह रविवार को यहां पहुंचे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जम्मू के नए परिसर का उद्घाटन किया.

विकास में युवा शामिल होंगे, तो आतंकवादियों के नापाक मंसूबे विफल हो जाएगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर युवा जम्मू कश्मीर के विकास में शामिल होंगे, तो आतंकवादी अपने नापाक मंसूबों में विफल हो जाएंगे. शाह ने कहा, ”अगर युवा जम्मू कश्मीर के विकास में शामिल होंगे, तो आतंकवादी अपने नापाक मंसूबों में विफल हो जाएंगे”. उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर में अब तक 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है और हमारा लक्ष्य 2022 के अंत तक इसे 51 हजार करोड़ रुपए करने का है.”