उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वैक्सीन को लेकर किया रोडमैप तैयार, ऐसे होगा वैक्सीनेशन

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कोरोना वैक्सीन के सुरक्षित स्टोरेज तथा कोल्ड चेन की स्थापना के संबंध में एक फूलप्रूफ कार्य योजना के लिए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं गृह विभाग को संयुक्त रूप से तैयार करने के लिए कहा था. साथ ही 15 दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन को रखे जाने वाली जगहों की कोल्ड चेन को मेंटेन रखने के लिए कहा गया है. कोरोना वैक्सीन की भंडारण के लिए कोल्ड रेफ्रिजरेटर भी लखनऊ में आ गए. आखिर कोरोना वैक्सीन को लेकर क्या है उत्तर प्रदेश सरकार का रोडमैप? कोरोना वैक्सीन की आमद से लेकर स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन तक कैसी रहेगी व्यवस्था आखिर कैसे लगाई जाएगी करोना वैक्सीन.

कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर उत्तर प्रदेश में सरकार अपनी तैयारियां तेजी से कर रही है. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ मेजर देवेंद्र सिंह नेगी के अनुसार 15 दिसंबर तक वैक्सीन को रखे जाने वाली जगहों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं. न्यूज़18 उन्होंने बताया कि सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर को वैक्सीन लगाई जाएगी। उसके बाद फ्रंट लाइन पर काम करने वाले वर्कर यानी पुलिसकर्मी और सफाई कर्मियों को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई जाएगी। डॉक्टर नेगी ने साफ किया है कि 50 साल से ऊपर के लोगों को भी वैक्सीन लगेगी। आखिर कोरोना वैक्सीन लगाने की रणनीति क्या होगी? इस सवाल पर डॉ नेगी का कहना है कि “एक काउंटर पर कुल 3 लोगों को लगाया जाएगा जिनमें एएनएम, नर्स, फार्मासिस्ट ,लैब टेक्नीशियन और लैब अटेंडेंट शामिल होंगे। कोरोना की वैक्सीन को लगाने के बाद 30 मिनट तक देखा जाएगा कि व्यक्ति में कोई रिएक्शन तो नहीं हो रहा है. कोल्ड स्टोरेज को मेंटेन रखने के लिए हाईटेक रेफ्रिजरेटर मशीन है लखनऊ में चार आ चुकी हैं.

डॉ नेगी का कहना है कि पूर्व में रूबेला तथा खसरे की रोकथाम के लिये चलाए गये वैक्सीनेशन अभियानों के अनुभवों के आधार पर कोरोना वैक्सीनेशन अभियान प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और कोई परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की स्टोरेज के लिये 35,000 केन्द्र स्थापित किये जाएंगे, इनकी प्रभावी सुरक्षा के व्यापक इन्तजाम जा रहे हैं. केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में वैक्सीनेशन के लिये करावाई जा रही मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग भी अहम रोल अदा करेगी। वैक्सीन स्टोरेज सेन्टर्स में सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए हैं. वैक्सीन कैरियर वाहनों में जीपीएस लगाया जाएगा, जिससे इसकी सुरक्षित सप्लाई सुनिश्चित की जा सके. राज्य सरकार कोविड-19 वैक्सीन की स्टोरेज के लिये पूरी गम्भीरता से कार्य कर रही है.

कोरोना वैक्सीन जहां लगाई जाएगी वहां 3 कमरे बनाए गए हैं. पहला वेटिंग रूम, दूसरे कमरे में वैक्सीनेशन होगा, जबकि तीसरा कमरा ऑब्जरवेशन रूम होगा। मरीज को कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद आधे घंटे तक ऑब्जरवेशन रूम में रखा जाएगा कि कहीं उसके शरीर में कोई परिवर्तन तो नहीं आ रहा है.