गुरुग्राम पहुंची WHO की टीम, भारत में कोरोना वैक्सीनेशन की व्यवस्था को बताया बेहतर

241

नए साल पर देश को कोरोना की वैक्सीन तो मिल गई है, लेकिन किस तरह से लोगों को टीका लगाया जाएगा और किस तरह की व्यवस्था है, इन तमाम पहलुओं को लेकर ड्राई रन किया गया. इसी कड़ी में गुरुग्राम जिले में 6 जगहों पर ड्राई रन किया गया. इस व्यवस्था को परखने और समझने के लिए डब्ल्यूएचओ (WHO) की एक टीम गुरुग्राम पहुंची. डब्ल्यूएचओ की टीम ने गुरुग्राम के भांग रोला और वजीराबाद स्थित सेंटर पर पहुंचकर इस पूरी व्यवस्था के बारे में जानकारी ली. साथ ही किस तरह से लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी और इस तरह की व्यवस्थाएं रहेंगी इन सभी पहलुओं को बारीकी से जाना.

डब्ल्यूएचओ की टीम के साथ सीएमओ वीरेंद्र यादव ने सभी व्यवस्थाओं की जानकारी टीम के सदस्यों को दी. वहीं डब्ल्यूएचओ की टीम का यह भी मानना है कि गुरुग्राम में ड्राई रन सफल रहा है. यदि इसी तरह से व्यवस्थाएं रहीं तो निश्चित तौर पर आसानी से वैक्सीनेशन का काम पूरा हो सकेगा. हालांकि इससे पहले भी डब्ल्यूएचओ की टीम ने भारत में कोरोना वायरस पर कंट्रोल करने के लिए जो व्यवस्था की गई थी उसको काफी सराहा था.

डब्ल्यूएचओ की टीम से जब यह प्रश्न किया गया कि क्या इस दवाई का कोई साइड इफेक्ट होगा तो उनका जवाब यही था कि हर एक दवाई का कोई ना कोई साइड इफेक्ट होता है तो निश्चित तौर पर कोरोना वैक्सीन का भी साइड इफ़ेक्ट होगा. लेकिन यह साइड इफेक्ट खतरनाक नहीं होते. हल्के-फुल्के साइड इफेक्ट अक्सर दवाइयों में देखने को मिलते हैं, लेकिन यह दवा निश्चित तौर पर कोरोना पर पूरी तरह से नकेल कस पाएगी.