यूपी में नहीं थम रही कोरोना की रफ़्तार: बुधवार को सामने आए 31 हजार से अधिक मामले, 357 संक्रमितों की मौत

217

यूपी में एक बार फिर नए मरीजों की संख्या तीस हजार के पार हो गई। बुधवार को कुल 31165 नए मरीज मिले। जबकि 357 संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की खबर यह रही कि 75 में से 52 जिलों में नए मरीजों के अनुपात में ठीक होने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। बुधवार को कुल 40852 मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1399294 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 1122669 लोग संक्रमण मुक्त होकर स्वस्थ हो गए हैं। कुल 212232 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। कुल 14151 मरीजों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 42032587 नमूनों की जांच की जा चुकी है। मंगलवार को 232038 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 1.13 लाख से अधिक नमूनों की जांच आरटीपीसीआर तकनीक से की गई।

सबसे अधिक मरीज वाले टॉप टेन जिले
लखनऊ 3004, मेरठ 1732, गौतमबुद्ध नगर 1703, गाजियाबाद 1373, कानपुर नगर 1206, सहारनपुर 1069, गोरखपुर 1055, वाराणसी 966, झांसी 934, मुरादाबाद 841, बरेली 828

कानपुर में 46 मरीजों की मौत
प्रदेश में बुधवार को सबसे अधिक 46 मरीजों की मौत कानपुर नगर में हुई। इसके बाद लखनऊ में 38, चंदौली में 24, लखीमपुर खीरी में 17, गाजियाबाद में 13, सोनभद्र में 13, भदोही में 13, गोरखपुर में 12, झांसी में 12, गौतमबुद्ध नगर में 10 मरीजों में मौत हुई है।

गोंडा में सीएमएस व पीडी की कोरोना से मौत
महिला अस्पताल के सीएमएम और डीआरडीए के परियोजना निदेशक समेत छह की मौत हो गई है। कोरोना संक्रमण से पीड़ित महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी मिश्र 10 अप्रैल से पीजीआई में भर्ती थे।  परियोजना निदेशक सेवाराम चौधरी की भी मौत हो गई। वह जिले के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती थे, करीब 15 दिनों तक उनका इलाज चला। सीएमएस ने 16 जनवरी को जिले में सबसे पहले कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज तथा 15 फरवरी को दूसरी डोज लगवाई थी। कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद सीएमएस स्वस्थ थे और कई महीनों तक उन्होंने अस्पताल में ड्यूटी भी की। बीते अप्रैल माह में उनकी तबीयत बिगड़ी। 10 अप्रैल को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव मिले थे।