यूपी विधानमंडल मानसून सत्र 2021 : सीएम योगी बोले- विकास के हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है हम, उम्मीद है कि सदन में सार्थक चर्चा होगी

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यूपी में आज से शुरू हो रहे विधानमंडल के मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। आज से शुरू हो रहे सत्र के दौरान विपक्ष जहां महंगाई, किसान, कोविड तथा कानून-व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, वहीं सत्ता पक्ष भी जवाब देने के लिए तैयार है। सरकार के सभी मंत्रियों को पूरी तैयारी के साथ सदन में आने की हिदायत दी गई है। यहां पढ़ें सत्र की कार्रवाई से जुड़ी सभी अपडेट:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में दिवंगत विधायक सुरेश श्रीवास्तव, औरैया विधायक रमेश चंद्र दिवाकर, नवाबगंज विधायक केसर सिंह, सलोन रायबरेली के विधायक दल बहादुर कोरी व विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के साथ ही नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने भी दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष गांव, गरीब, महिलाओं व विकास के हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हमें उम्मीद है कि सदन में सार्थक चर्चा होगी।

सपा विधायक व एमएलसी सत्र के पहले दिन बैलगाड़ियों से विधानभवन जा रहे थे जिन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। सपा नेता पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकार का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा सपा कार्यकर्ताओं ने विधानभवन के सामने भी प्रदर्शन किया।

सपा विधान मंडल दल के नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि पार्टी महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे को जोरशोर से उठाएगी। सरकार ने किसानों से किए गए एक भी वादे को पूरा नहीं किया। खाद-बीज महंगा कर दिया गया। डीजल के दाम बढ़ने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। तमाम किसानों ने इस सीजन में खेत को खाली छोड़ दिए हैं। अनाज से लेकर दाल तक के दाम बढ़ गए हैं। कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से तमाम लोगों ने दम तोड़ दिया। युवाओं को नौकरी देने के वादे पर भी सरकार पूरी तरह से फेल रही है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पार्टी विधायक कृषि कानूनों के विरोध में आवाज उठाएंगे। पूरा प्रयास रहेगा कि सरकार इन कानूनों को प्रदेश में लागू न करने पाए। प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था व दलित उत्पीड़न के मामलों को भी जोर शोर से उठाया जाएगा। सोमवार को मायावती ने कहा कि इस समय देश और प्रदेश में हाल बुरा है। किसान लगातार कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं पर कोई सुन नहीं रहा है। बसपा भी इन कानूनों के पक्ष में नहीं है। पार्टी दलितों, पिछड़ों, महिलाओं व अकलियतों पर हो रहे जुल्मों के विरोध में भी आवाज उठायेगी।