कोरोना का खौफ: भारत से यात्रा पर 4 मई से रोक लगाएगा अमेरिका, संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद लिया फैसला

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देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर दिन अधिकारियों और अलग-अलग ग्रुप के साथ बैठक कर महामारी पर काबू पाने की रणनीति बना रहे हैं। शुक्रवार को भी पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 पर गठित विभिन्न अधिकार प्राप्त समूहों के साथ समीक्षा बैठक की।

इस समीक्षा बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि लंबित बीमा दावों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए कदम उठाने चाहिए ताकि मृतक के आश्रितों को समय से लाभ मिल सके। इसके अलावा पीएम मोदी ने निर्देश दिया कि केंद्र को राज्यों के साथ समन्वय से काम करना चाहिए ताकि बिना किसी समस्या के गरीबों को मुफ्त अनाज का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

कोविड-19 संकट पर बुलाई गई समीक्षा बैठक में कहा कि अधिकारियों को उन संभावनाओं पर विचार करना चाहिए जिससे नागरिक समाज का उपयोग स्वास्थ्य क्षेत्र पर दबाव कम करने में किया जा सके। पीएम मोदी की बैठक के बाद सरकार ने कहा कि पूर्व सैन्य कर्मी गृह पृथकवास में रह रहे लोगों से संवाद करने के लिए स्थापित कॉल सेंटर की कमान संभाल सकते हैं। इसके साथ-साथ एनजीओ भी मरीजों, उनके आश्रितों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के बीच संवाद स्थापित करने एवं बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

बता दें कि कोविड-19 संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों से अनुरोध किया कि वे अपने क्षेत्रों में लोगों के संपर्क में रहें, उनकी मदद करें और उनसे स्थिति के बारे में जानकारी लेते रहें। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मंत्रिपरिषद् की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोदी ने स्थानीय स्तर पर मुद्दों की त्वरित पहचान और निस्तारण सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी बल दिया।

बयान में कहा गया कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर से पैदा हुई स्थिति पर चर्चा के लिये इस बैठक का डिजिटल तरीके से आयोजन हुआ था। इसमें कहा गया कि महामारी ने सदी में एक बार आने वाले संकट जैसे हालात बना दिये हैं और दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती पेश की है।