Tokyo Paralympics 2020 : 10 मीटर मिक्स्ड एयर राइफल में चूका अवनि लेखरा का निशाना – ऊंची कूद के खिलाड़ी मरियप्पन थंगावेलु ने जीता सिल्वर मेडल

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टोक्यो पैरालिंपिक-2020 (Tokyo Paralympics-2020) में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली महिला निशानेबाज अवनि लेखरा (Avni Lekhara) एक अन्य इवेंट में देश के लिए पदक नहीं ला सकीं. अवनि बुधवार को 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड इवेंट में उतरी थीं लेकिन उनके निशाने सटीक नहीं रहे और वह 629. 7 के स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में 27वें स्थान पर रह फाइनल में नहीं जा सकीं. अवनि के अलावा इस इवेंट में भारत के दो और निशानेबाज भी उतरे थे. ये दो निशानेबाज थे पुरुष खिलाड़ी सिद्धार्थ बाबू और दीपक कुमार.इन दोनों ने भी भारत को निराश किया. सिद्धार्थ 625.5 के साथ 40वें स्थान पर रहे जबकि दीपक को 624.9 के स्कोर के साथ 43वां स्थान मिला. यह दोनों निशानेबाज भी फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके.

अवनि ने पहली सीरीज में 105.9 का स्कोर किया. इसके बाद वाली सीरीज में उन्होंने 105 का स्कोर किया. तीसरी सीरीज में वह और पीछे रह गई और 104.9 का ही स्कोर कर पाईं. चौथी सीरीज में उन्होंने 105.3 का स्कोर किया. पांचवीं और छठी सीरीज में वह और पीछे रह गईं. उन्होंने इन दो सीरीजों में क्रमशः 104.2 और 104.4 का स्कर किया.

सिद्धार्थ और दीपक का ये रहा हाल
सिद्धार्थ ने पहली सीरीज में 104.9 का स्कोर किया. दूसरी सीरीज में उन्होंने 103.4 का स्कोर किया. तीसरी सीरीज में वह और पीछे हो गए. उन्होंने 102.9 का स्कोर किया. चौथी सीरीज में उन्होंने 105.2 का स्कोर किया. पांचवीं सीरीज में उन्होंने 105.3 का स्कोर किया. आखिरी सीरीज में 103. 8 का स्कोर किया. दीपक ने पहली सीरीज में 102.7 का स्कोर किया. दूसरी सीरीज में उन्होंने बेहतरीन सुधार करते हुए 106.3 का स्कोर किया. तीसरी सीरीज में उन्होंने 103.6 का स्कोर किया. चौथी सीरीज में उन्होंने 104.8 का स्कोर किया. पांचवीं सीरीज में उन्होंने 104. 1 और आखिरी सीरीज में 103.4 का स्कोर किया.

इस इवेंट ने अवनि ने जीता स्वर्ण
इससे पहले अवनि लेखरा 10 मीटर एयर स्टैंडिंग में पैरालिंपिक्स रिकॉर्ड बनाते हुए देश के लिए सुनहरी जीत दर्ज की थी. अवनि लेखारा ने फाइनल में 249.6 पॉइंट हासिल किए, जो कि पैरालिंपिक्स खेलों के इतिहास का नया रिकॉर्ड है. अवनि को फाइनल में चीन की निशानेबाज ने कड़ी टक्कर दी. लेकिन फिर उन्होंने अपने अचूक निशाने से उन्हें हरा दिया. चीन की महिला शूटर झांग 248.9 अंक के साथ दूसरे नंबर पर रहीं और उन्होंने सिल्वर मेडल जीता. ये पहली बार था जब अवनि पैरालिंपिक्स के शूटिंग रेंज में निशाना साधने उतरी थी. और, अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने बता दिया कि वो यहां कोई अनुभव बटोरने नहीं बल्कि मेडल पर निशाना लगाने आईं थी और उन्होंने वही किया. निशाना भी लगाया तो सीधे गोल्ड मेडल पर वो भी नया पैरालिंपिक्स रिकॉर्ड बनाते हुए. इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की है.

गत चैंपियन मरियप्पन थंगावेलु और शरद कुमार ने मंगलवार को यहां पुरुष ऊंची कूद टी42 स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते जिससे तोक्यो पैरालंपिक में भारत के पदकों की संख्या 10 तक पहुंच गई।

मरियप्पन ने 1.86 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक अपने नाम किया जबकि अमेरिका के सैम ग्रेव ने अपने तीसरे प्रयास में 1.88 मीटर की कूद के साथ सोने का तमगा जीता। शरद ने 1.83 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।

स्पर्धा में हिस्सा ले रहे तीसरे भारत और रियो 2016 पैरालंपिक के कांस्य पदक विजेता वरूण सिंह भाटी नौ प्रतिभागियों में सातवें स्थान पर रहे। वह 1.77 मीटर की कूद लगाने में नाकाम रहे। टी42 वर्ग में उन खिलाड़ियों को रखा जाता है जिनके पैर में समस्या है, पैर की लंबाई में अंतर है, मांसपेशियों की ताकत और पैर की मूवमेंट में समस्या है। इस वर्ग में खिलाड़ी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा पेश करते हैं।