पीढ़ियों से रावण को बनाते आ रहे हैं मुस्लिम परिवार, धार्मिक सौहार्द को बढ़ाता दशहरा का त्यौहार

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muslim families making ravan
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धार्मिक सौहार्द की बेहद उम्दा मिसाल पेश करते हुए कुछ मुसलमान कई वर्षो से दशहरा में रावण बनाते आ रहे हैं. पीढियां दर पीढियां वे यह काम करते आ रहे हैं उनको इस काम पर गर्व है. चलिए आपको बताते हैं की प्रदेश में कौन-कौन मुसलमान पेश कर रहा है यह मिसाल…

जिला रामपुर में मुस्लिम अब्दुल रहमान का रावण बनाने का यह काम पुश्तैनी है, वहीँ उनके बाप और दादा से लेकर परदादा सभी लोग कई वर्षों यह कार्य करते चले आ रहे हैं । उनके अलावा और भी कई लोग हैं जो मुसलमान है और रावण बनाते हैं। रामलीला में उनके बनाए हुए रावण का दहन किया जाता है। अब्दुल रहमान कहते हैं कि उनको यह काम करने में मजा आता है और अच्छा लगता है अब्दुल रहमान के अनुसार यह कार्य उनकी कई पीढ़ियों से चला रहा है।

जिला मथुरा का एक मुस्लिम परिवार पिछले 137 वर्षों से रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले का निर्माण कर रहा है। जाफर अली अपने परिवार के सदस्यों के साथ हर बार रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों को बेहद चाव से बनाते हैं। उनका कहना है, ” वह भले ही रावण का पुतला बनाते हैं, लेकिन वह भगवान राम के भक्त हैं। राम उन्हें अच्छे लगते हैं।”

जिला मुजफ्फरनगर से रफीक का भी लंकेश यानि रावण से जुड़ाव है। उनका मुस्लिम परिवार करीब 60 साल से रावण बनाता चला आ रहा है। रफीक भी 1 माह की छुट्टी लेकर रावण बनाने के कार्य में जुट जाता है.

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