जर्मनी में आने वाले दिनों में हाइड्रोजन से चलेंगे रेल इंजन, कार्बन उत्सर्जन घटाने की कोशिश 

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जर्मनी में आने वाले दिनों में रेल इंजन हाइड्रोजन से चलेंगे। जर्मन रेल कंपनी ‘डॉयचे बान’ और ‘सीमेंस मोबिलिटी’ ने हाइड्रोजन से चलने वाली रेल इंजन को विकसित करने का फैसला किया है। दोनों कंपनी आने वाले दिनों में पर्यावरण की रक्षा के लिए स्थानीय रूट पर डीजल इंजन को हटाना चाहती हैं।

दोनों कंपनियों ने उम्मीद जताई है कि 2024 में इस तकनीक से चलने वाली ट्रेन और फिलिंग स्टेशन का परीक्षा शुरू हो जाएगा। यह फिलिंग स्टेशन 15 मिनट में हाइड्रोजन ट्रेन को यात्रा के लिए तैयार कर देगा।
इन ट्रेनों की गति पारंपरिक डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेन जितनी ही होगी। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन इंजन सेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच बैटरी की मदद से हुई प्रतिक्रिया के जरिए बिजली पैदा करते हैं। इस प्रतिक्रिया में बिजली के अलावा केवल भाप और पानी ही बाकी बचता है।

ट्रेनों को इसी बिजली की मदद से चला जाता है। डॉयचे बान बोर्ड की सदस्यता साबीना जेशके का कहना है हम ट्रेनों में डीजल ट्रेन जितनी ही जल्दी ईधन भर सकेंगे। यह सच्चाई है और इससे पता चलता है कि पर्यावरण के इतिहास से बेहतर परिवहन संभव है।