पोप फ्रांसिस ने रूस-यूक्रेन जंग को लेकर की शांति अपील, कहा- और कितना खून बहेगा ?

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रविवार को पोप फ्रांसिस ने सेंट पीटर स्क्वायर में एंजेलस प्रेयर से पहले अपने भाषण में ये अपील की है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यूक्रेन में जंग बहुत गंभीर, विनाशकारी और खतरनाक हो गया है। इसका असर ना केवल इन दो देशों बल्कि पूरे विश्व पर पड़ रहा है। त्वरित सीज़फायर का आह्वान करते हुए धार्मिक गुरु ने कहा कि दोनों राष्ट्रों के बीच पीस टॉक्स की शर्तें मानव जीवन के पवित्र मूल्य के सम्मान के साथ-साथ प्रत्येक देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर आधारित हों। उन्होंने कहा कि मैं अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के विपरीत आगे की कार्रवाइयों के साथ हाल के दिनों में पैदा हुई गंभीर स्थिति के लिए गहरा खेद व्यक्त करता हूं। यह स्थिति परमाणु युद्ध के जोखिम को बढ़ाती है, जिससे दुनिया भर में अनियंत्रित और विनाशकारी परिणामों की आशंका बढ़ जाएगी।

पोप ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच यह युद्ध मानवता के लिए एक भयानक और अकल्पनीय घाव की तरह है। युद्ध को खत्म करने के बजाय और अधिक खून बहाया जा रहा है। इससे युद्ध के और बढ़ने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कामों को कभी सही नहीं कहा जा सकता है। यह परेशान करने वाला है कि दुनिया यूक्रेन के भूगोल को बूचा, इरपिन, मारियुपोल, इज़ियम, जापारिज़्ज़िया और अन्य क्षेत्रों जैसे नामों के कारण से सीख रही है। जहां भयानक कत्लेआम हुआ है। पोप फ्रांसिस ने युद्ध को बेतुका बताते हुए सवाल किया कि हमें यह महसूस करने के लिए कितना खून बहाना चाहिए कि युद्ध कभी समाधान नहीं है, केवल विनाश है?