जो बाइडेन ने किया PM मोदी का स्वागत, बोले – कई वैश्विक चुनौतियों को हल कर सकते हैं अमेरिका-भारत संबंध

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौर पर हैं. वहीं आज पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई. जनवरी में अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका है जब राष्ट्रपति जो बाइडेन और पीएम मोदी की मुलाकात हुई है. पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए व्हाइट हाउस पहुंचे. दोनों शीर्ष नेताओं के बीच बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली मुलाकात है. जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए प्रधानमंत्री मोदी व्हाइट हाउस पहुंचे तो वहां काफी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग व्हाइट हाउस के सामने इकट्ठा हुए थे. व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई. इस बैठक में पीएम मोदी ने जो बाइडेन से कहा कि मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आपको धन्यवाद देता हूं. 2014 में आपसे चर्चा करने का अवसर मिला और आपने भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अपना दृष्टिकोण रखा था जो प्रेरक था. आज राष्ट्रपति के रूप में अपने विजन को आगे बढ़ाने के लिए पहल कर रहे हैं.

    पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं देख रहा हूं कि इस दशक में आपके नेतृत्व में हम जो बीज बोएंगे वो भारत-अमेरिका के साथ-साथ पूरे विश्व के लोकतांत्रिक देशों के लिए बहुत ही ट्रांसफॉर्मेटरी रहेगा. प्रौद्योगिकी एक प्रेरक शक्ति बन रही है. हमें अधिक से अधिक वैश्विक भलाई के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए अपनी प्रतिभा का उपयोग करना होगा. आज का द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन महत्वपूर्ण है. हम इस सदी के तीसरे दशक की शुरुआत में मिल रहे हैं. आपका नेतृत्व निश्चित रूप से इस दशक को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. भारत और अमेरिका के बीच और भी मजबूत दोस्ती के लिए बीज बोए गए हैं.’

    पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड का अपना महत्व है. इस दशक में ट्रेड के क्षेत्र में भी हम एक दूसरे को काफी मदद कर सकते हैं. बहुत सी चीजें हैं जो अमेरिका के पास हैं जिनकी भारत को जरूरत है. बहुत सी चीजें भारत के पास हैं जो अमेरिका के काम आ सकती हैं. ये दशक उस ट्रस्टीशिप के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है, महात्मा गांधी हमेशा इस बात की वकालत करते थे कि इस प्लेनेट के हम ट्रस्टी हैं. ये ट्रस्टीशिप की भावना भी भारत और अमेरिका के बीच के संबंधों में बहुत अहमियत रखेगी.

    जो बाइडेन ने इस दौरान कहा, ‘मुझे लंबे समय से विश्वास है कि अमेरिका-भारत संबंध हमें कई वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकते हैं. वास्तव में 2006 में जब मैं उपराष्ट्रपति था, मैंने कहा था कि 2020 तक भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे करीबी देशों में होंगे.’ बैठक से पहले जो बाइडेन ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘आज सुबह मैं एक द्विपक्षीय बैठक के लिए व्हाइट हाउस में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी कर रहा हूं. मैं दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को मजबूत करने, एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को बनाए रखने और COVID-19 से लेकर जलवायु परिवर्तन तक हर चीज से निपटने के लिए तत्पर हूं.’

    क्वाड शिखर सम्मेलन

    पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति की द्विपक्षीय बातचीत के बाद जो बाइडेन की मेजबानी में प्रधानमंत्री मोदी पहली बार व्यक्तिगत तौर पर क्वाड शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे. इस बैठक के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्रई योशीहिदे सुगा भी शामिल होंगे. क्वाड सम्मेलन का मुख्य मकसद चीन के बढ़ते दबदबे के बीच हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपसी सहयोग को बढ़ाना है.

    कमला हैरिस से मुलाकात

    इससे पहले पीएम मोदी ने अमेरिकी की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ भी मुलाकात की थी. पीएम मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के बीच पहली बार बैठक हुई. इस बैठक के दौरान आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए.