PM मोदी: शांतिकाल में बहा पसीना, युद्धकाल में खून बहने से बचाता है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा, जहां हमारे वीर जवान ट्रेनिंग लेते हैं, वहां हम कुछ ऐसा लिखा हुआ देखते हैं कि ‘शांतिकाल में बहाया पसीना, युद्ध काल में रक्त बहने से बचाता है।’ इसका अर्थ है शांति की पूर्व शर्त वीरता है। वीरता की पूर्व शर्त है सामर्थ्य और सामर्थ्य की पूर्व शर्त है पहले से की गई तैयारी। बाकी सब इसके बाद आता है।

पीएम ने कांग्रेस की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, स्वदेशी लड़ाकू विमान, एलएसी तेजस को जानबूझकर फाइलों तक रखा गया। आजादी के बाद से ही हथियारों के आयात पर जोर दिया गया, जिसके कारण स्वदेशी रक्षा क्षेत्र पनप नहीं सका।

पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, भारत के पास हथियार, सैन्य उपकरण बनाने का सदियों पुराना अनुभव है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इस क्षमता को मजबूत नहीं किया गया। भारत अब अपनी क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने के लिए अब प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, भारत 40 से ज्यादा देशों को अभी रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है।

भारत को बड़ा निर्यातक बनाने के लिए काम किया जा रहा है। पीएम ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने का जिक्र करते हुए कहा, लघु एवं मध्यम उद्योग विनिर्माण क्षेत्र के लिए रीढ़ का काम करती है। आज जो बदलाव हो रहे हैं, उससे इन उद्योगों को आजादी मिल रही है। उन्होंने कहा, मैं निजी क्षेत्र से भी आग्रह करता हूं कि वे विनिर्माण के साथ-साथ डिजाइन और विकास में भी आगे आएं और दुनिया में भारत का परचम लहराएं