PLI Scheme: मार्च तक 50 हजार लोगों को मिल सकती है नौकरी

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मोबाइल बनाने वाली कंपनियां अगले साल मार्च तक करीब 50 हजार लोगों की भर्तियां कर सकती है. बता दें सरकार इस समय प्रोडक्शनड-लिंक्ड इनसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के तहत देशी और विदेशी कंपनियां को भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि इस स्कीम के तहत मोबाइल कंपनियां करीब 50 हजार लोगों की भर्ती कर सकती है. देशभर में हुए लॉकडाउन के बाद मोबाइल कंपनियों में काम करने वाले कई कर्मचारी अपने घरों को वापस लौट गए थे.

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पंकज मोहिंद्रू के मुताबिक, अब से लेकर अगले साल मार्च तक हैंडसेट कंपनियां 50000 डायरेक्ट इंप्लॉयीज की भर्ती करेंगी. लॉकडाउन शुरू होने के बाद फैक्ट्रियों में काम करने वाले कई कामगार घर लौट गए थे. अब ये कामगार बड़े शहर लौट रहे हैं. इस बीच पीएलआई स्कीम भी आ गई है.

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, डिक्शन टेक्नोलॉजीज, यूटीएल नियोलिंक्स, लावा इंटरनेशनल, ऑप्टीमस इलेक्ट्रॉनिक्स और माइक्रोमैक्स में दिसंबर के अंत तक 20,000 नौकरियों के मौके होंगे.

आपको बता दें पिछले साल मोबाइल कंपनियों में काफी कम भर्तियां हुई थी. पंकज मोहिंद्रू ने बताया कि पिछले साल पीएलआई स्कीम नहीं होने की वजह से भी काफी कम भर्तियां हुई थी. इस साल सरकार की इस स्कीम का फायदा कारीगरों को मिलेगा.

इसके साथ ही मोहिंद्रू ने कहा कि इस समय हैंडसेट सेक्टर में करीब 7 लाख लोग काम कर रहे हैं. पिछले साल इस सेक्टर में करीब 15 हजार लोगों की भर्ती हुई थी. पीएलआई स्कीम के अलावा सरकार ने मोबाइल कंपनियों के करीब 10 आवेदनों को मंजूरी दी है.

इनमें सैमसंग, फॉक्सकॉन की होन हई, राइजिंग स्टार, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन जैसी पांच विदेशी कंपनियां शामिल हैं. इन्हें पीएलआई स्कीम के तहत कुल 41,000 करोड़ रुपये की इनसेंटिव का फायदा मिलेगा. यह फायदा पांच साल के दौरान मिलेगा.

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