म्यांमार में तख्तापलट के बाद सेना खेल रही खून की होली, 2 महीने में 320 लोगों की मौत

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म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद वहां आम लोगों के खून से होली खेली जा रही है। 1 फरवरी को सैन्य तख्तापलट के बाद वहां की सेना ने लोकतंत्र की बहाली की चाहत रखने वाले प्रदर्शनकारियों पर सितम ढाया है। सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन में सेना लगातार आम लोगों का खून बहा रही है और इस खून संघर्ष में अब तक वहां 300 से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी हैं। असिस्टेंट एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स (AAPP) के मुताबिक, 1 फरवरी को म्यांमार में हुई तख्तापलट के बाद हिंसा में कुल 2,981 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 320 लोग मारे गए हैं। प्रदर्शनकारियों को जबरन गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें आरोपित किया जा रहा है।

गैर-लाभकारी संगठन AAPP ने गुरुवार को कहा कि यंगून के थिंगांग्युन टाउनशिप, सागांग क्षेत्र में खिन-यू टाउन, काचिन राज्य में मोहिनी टाउन और शान राज्य में ताऊंग्गी शहर में कल नौ लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि 23 लोग इससे पिछले दिन मारे गए थे। हाल ही में जितने लोगों को सेना ने गिरफ्तार किया है, उनमें से 24 को दोषी करार दिया है। इसके अलावा, 109 लोगों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी है।

एमएएपीपी ने मंगलवार को बताया कि उसने 2,981 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, जिनमें से 2,418 अब भी हिरासत में हैं या जिनपर अभियोग लगाया गया है। हालांकि, इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने नयी रणनीति अपनाई और उन्होंने शांतिपूर्ण हड़ताल के तहत लोगों से अपने घरों में ही रहने और कारोबारी प्रतिष्ठानों को दिन में बंद रखने की अपील की।

हालांकि, कल मौन हड़ताल किया गया और कई कस्बों में रात में विरोध प्रदर्शन किया गया था मगर कुछ जगहों पर हिंसक तरीके से इसे खत्म करने की कोशिश की गई। लोगों को गोली मारकर घायल कर दिया गया था और गिरफ्तार कर लिया गया था। इतना ही नहीं, मंडलीय क्षेत्र के क्युकपडांग कस्बे में एक युवक की हत्या कर दी गई थी।

संगठन के मुताबिक, मांडले में 16 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई और सैन्य कार्रवाई में कुछ अन्य घायल भी हुए हैं। इतना ही नहीं, एंबुलेंस पर भी गोलीबारी की गई। स्थानीय मीडिया ने बताया कि मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान मांडले में सात साल की बच्ची की मौत हो गई। एमएएपीपी ने जुंटा शासन के विरोध के दौरान मारे गए लोगों की सूची में इस बच्ची का नाम शामिल किया है। खिन म्ये चित नामक बच्ची की बहन आऐ चान सान ने बताया कि उसके पेट में गोली मारी गई थी।

म्यांमार सेना ने पिछले माह सरकार के तख्ता पलट के बाद प्रदर्शन करने वाले 600 से अधिक प्रदर्शनकारियों को बुधवार को रिहा कर दिया और इसे माहौल शांत करने की दिशा में सेना का एक प्रयास माना जा रहा है। समाचार पत्र ‘द गार्डियन’ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यांगून में नेसिन जेल के बाहर लोगों को बसों में बिठाया जा रहा था और ये लोग विजयी मुद्रा को दशार् रहे थे जो शायद इस बात का प्रतीक है कि उनकी बातों को मान लिया गया है। सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को कुल 628 लोगों को रिहा किया गया।

बता दें कि 1 फरवरी को म्यांमार की सेना ने लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंका और राज्य काउंसलर आंग सान सू की सहित अन्य लोकतांत्रिक तौर पर चुने गए नेताओं को हिरासत में लेते हुए एक साल की आपातकाल की घोषणा की। तख्तापलट ने जुंटा (म्यांमार की सेना) की घातक हिंसा के कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।