म्यांमार तख्तापलट: जुंटा शासन ने म्यांमार में वायरलेस इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का दिया आदेश

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म्यांमार की सैन्य सरकार ने 500 से अधिक लोगों की हत्या करने के बाद देश के इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से कहा है कि वह अगले आदेश तक वायरलेस ब्रोडबैंड सर्विस को बंद कर दें. इस बात की जानकारी टेलिकॉम से जुड़े सूत्रों ने दी है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हाथ एक सेवा प्रदाता को भेजा गया ईमेल लगा है, जिसमें इस आदेश के पीछे का कारण भी नहीं बताया है. इसमें ये भी कहा गया है कि वर्तमान में जारी मोबाइल इंटरनेट पर रोक ऐसे ही लगी रहेगी.

दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति ने गुरुवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर की जा रही हिंसा और सैकड़ों लोगों की मौत की साफ शब्दों में निंदा की है. समिति के सदस्यों ने सेना से संयम बरतने को कहा है. म्यांमार में 1 फरवरी को तख्तापलट किया गया था, जिसे अब दो महीने पूरे हो गए है. एक दिन पहले भी कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं और लोगों ने लोकतंत्र को बहाल कर हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा करने की मांग की है.

500 से ज्यादा लोगों की मौत
म्यांमार में एक फरवरी को तख्तापलट के बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की है. पश्चिमी देशों द्वारा सैन्य शासन के खिलाफ पाबंदी के बावजूद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गोलीबारी की घटनाएं जारी हैं. देश के सबसे बड़े शहर यांगून में युवाओं के एक समूह ने प्रदर्शन में मारे गए 500 से ज्यादा लोगों की याद में शोक गीत गाए. इसके बाद उन्होंने जुंटा शासन (सैन्य सरकार) के खिलाफ नारेबाजी की, अपदस्थ नेता आंग सान सू की को रिहा करने और लोकतंत्र को बहाल करने की मांग करते हुए सड़कों पर प्रदर्शन किया.

कई जगहों पर छापेमारी हुई
मांडले और अन्य शहरों में भी प्रदर्शनकारी एकत्र हुए हैं. इससे पहले पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की और प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी. यांगून में सेना की निवेश इकाई ‘म्यांमार इकॉनोमिक होल्डिंग लिमिटेड’ की कुछ दुकानों में आग लगा दी गई. प्रदर्शन के शुरुआती दिनों से ही इन दुकानों को निशाना बनाया गया है. करिन प्रांत के कई इलाकों में शनिवार से दर्जनों नागरिकों के मारे जाने और 20,000 से ज्यादा लोगों के विस्थापित होने की भी सूचना मिली है. इलाके में राहत अभियान चलाने वाली संस्था ‘फ्री बर्मा रेंजर्स’ ने इस बारे में बताया है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक करिन की सोने की खदान में हवाई हमले में मंगलवार को 11 लोग मारे गए थे.