मनोज सिन्हा ने ली जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल पद की शपथ

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मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल पद की शपथ ली

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने आज श्रीनगर के राजभवन में केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश के दूसरे उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ले ली. जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने सिन्हा को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई.

शपथ ग्रहण करने के बाद मनोज सिन्हा ने कहा कि कश्मीर भारत का स्वर्ग है. मुझे यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर दिया गया है. 5 अगस्त एक खास तारीख है इसी दिन जम्मू कश्मीर देश की मुख्यधारा में शामिल हुआ है. सिन्हा ने कहा कि सालों बाद यहां कई परियोजनाएं शुरू हुईं है कोशिश उन परियोजनाओं को आगे ले जाना होगा. उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर की आम जनता में विश्वास बहाली, आतंकवाद को समाप्त करना उनके मुख्य लक्ष्यों में शामिल है. आम जनता से वह सीधे संवाद कायम करेंगे. जम्मू कश्मीर में फिर से शांति कायम करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.

सिन्हा का जन्म एक जुलाई 1959 को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के मोहनपुर में हुआ था. वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़े गांवों के विकास के लिए सक्रिय रूप से काम करते रहे हैं. ‘विकास पुरुष’ के नाम से विख्यात सिन्हा का राजनीतिक करियर 1982 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र संघ का अध्यक्ष चुने जाने के साथ शुरू हुआ. वह 1989 से 1996 तक भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रहे. सिन्हा तीन बार लोकसभा सदस्य रहे हैं. 

वह 1996 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए और उन्होंने 1999 में दोबारा जीत हासिल की. 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने तीसरी बार जीत दर्ज की. इसी साल भाजपा ने केंद्र की सत्ता में वापसी की. सिन्हा ने 2016 में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर संचार मंत्रालय संभाला. इस दौरान संचार उद्योग स्पेक्ट्रम की बिक्री में जुटा था. वह पहले राजनेता हैं, जिन्हें केन्द्र शासित प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है.