लखनऊ में 40 सरकारी अस्पतालों में लगेगा पहले चरण में टीका, कोल्ड चेन की होगी कड़ी निगरानी

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नए साल में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। इसके लिए तैयारी जोरों पर है। स्टाफ का प्रशिक्षण अंतिम दौर में है। सुरक्षित वैक्सीन रखने के लिए स्टोरेज सेंटर बन गया है। वहीं अब जिले के 40 सरकारी अस्पतालों में टीका लगाने का प्लान है। शहर में 11 मार्च को पहला कोरोना का मरीज मिला। अब तक 75 हजार से ज्यादा लोग चपेट में आ चुके हैं। वहीं 11 सौ से अधिक की महामारी जिदंगी लील गई है। हर रोज 180 से 300 मरीज आने का सिलसिला जारी है। वहीं महीनों से वायरस की चेन ब्रेक नहीं की जा सकी है। ऐसे में अब नए साल में शहर में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होना है।

केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलते ही स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशिक्षित फौज मैदान में होगी। वहीं पहले सरकारी व निजी क्षेत्र के हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगेगी। इसमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल कर्मी, संविदा कर्मी, आउट सोर्सिंग कर्मी आदि शामिल हैं। वहीं दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर का वैक्सीनेशन होगा। इसमें पुलिस कर्मी, निगम कर्मी व अन्य सुरक्षाबल होंगे। डिस्ट्रिक इम्युनाइजेशन ऑफीसर डॉ. एमके सिंह के मुताबिक सरकारी क्षेत्र में 40 जगह टीका लगाने का प्लान है। इसमें पहले से संचालित 27 टीकाकरण ईकाई हैं। वहीं बलरामपुर, सिविल, आरएलबी समेत 10 जनपदीय अस्पताल में वैक्सीनेशन सेंटर बनेगा। इसके अलावा केजीएमयू, पीजीआइ व लोहिया संस्थान में भी कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर बनेगा।

कोरोना वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए ऐशबाग में कोरोना वैक्सीनेटर सेंटर बनाया गया है। भवन की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। केंद्र सरकार ने पहले चरण में चार आइएलआर भेजे हैं। वहीं चार डीप फ्रीजर भी लग गए हैं। शेष उपकरण भी जल्द आ जाएंगे। सेंटर में दो लाख 36 हजार वैक्सीन को तय तापमान पर रखने की क्षमता है। यहां दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेट तापमान तक वैक्सीन को सुरक्षित रखा जा सकेगा। वहीं कोल्ड चेन की मॉनिटरिंग के लिए इलेट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क का जाल बिछाया जाएगा। इसकी तीन स्तर पर निगरानी होगी। तय तापमान में गड़बड़ी होने पर राज्य, जिला व सेंटर के अधिकारियों के मोबाइल पर अलार्म से सूचना मिल जाएगी।