किसानों की चार में से दो मांगें सरकार ने मानीं- पराली जलाना जुर्म नहीं, बिजली बिल भी वापस, कृषि कानूनों और एमएसपी पर नहीं बनी बात

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कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग पर अडेे़ किसान संगठनों के साथ बैठक में सरकार ने उनके एजेंडे की चार में से दो मांगें मान लीं। सरकार पराली जलाने को लेकर किसानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई रोकने और विद्युत संशोधन अधिनियम की वापसी पर राजी हो गई है। हालांकि छठे दौर की वार्ता में तीनों कानून वापस लेने और एमएसपी पर बात नहीं बनी और दोनों पक्ष इन पर चर्चा के लिए चार जनवरी को सातवीं बार आमने-सामने होंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, खाद्य एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्यमंत्री सोम प्रकाश ने विज्ञान भवन में बुधवार को हुई वार्ता में शामिल 41 किसान संगठनों को एमएसपी खरीद प्रक्रिया के बेहतर अनुपालन के लिए समिति बनाने का प्रस्ताव दिया। साथ ही दिल्ली-एनसीआर व आसपास वायु प्रदूषण प्रबंधन के लिए आयोग के अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर रखने और विद्युत संशोधन विधेयक-2020 के मसौदे की वापसी पर सहमति जताई। दोनों पक्षों के बीच पांच घंटे से ज्यादा चली बैठक में किसान तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े रहे।

वहीं, बैठक के बाद तोमर ने कहा, बातचीत मैत्रीपूर्ण माहौल में हुई हालांकि किसान तीनों कानून वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। हमने उन्हें कानूनों के फायदे गिनाए और खास समस्याओं के बारे में पूछा। तोमर ने शांतिपूर्ण वार्ता के लिए किसान संगठनों की सराहना की। उन्होंने किसान संगठनों से बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों को आंदोलन स्थल की कड़कड़ाती ठंड से वापस घर भेजने की अपील की।