किसान आंदोलनः ट्रैक्टर रैली को लेकर पुलिस संग बैठक जारी, ओडिशा से 500 किसान पहुंचे गाजीपुर बॉर्डर

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दिल्ली की सीमाओं पर 59 दिन से डटे किसानों का आंदोलन आज भी जारी है। इन दिनों दिल्ली के सिंघु, टिकरी बॉर्डर समेत गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसानों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इस बीच ट्रैक्टर रैली को लेकर आज भी पुलिस और किसान नेताओं की बैठक जारी है। वहीं आज ओडिशा के 500 किसान यूपी गेट पहुंचे। ओडिशा से नवनिर्माण किसान संगठन के बैनर तले करीब 500 किसान 6 बसों के साथ शनिवार दिन में यूपी गेट पहुंचे।, संगठन के कोऑर्डिनेटर उमाकांत ने कहा कि वह 15 जनवरी को भुवनेश्वर से बंगाल व झारखंड होते हुए उत्तर प्रदेश के यूपी गेट पर पहुंचे हैं।

कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद शनिवार दिन में यूपी गेट पहुंचे। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली ऐतिहासिक होगी।

यूपी गेट पर किसान आंदोलन में गुरु गोविंद सिंह के 400 साल पुराने नगाड़े को भी लाया गया, इन नगाड़ों को लाने वाले बाबा निहंग ने बताया कि नगाड़ों को जंग शुरू होने से पहले बजाया जाता है। 26 जनवरी की सुबह में ट्रैक्टर रैली शुरू होने से पहले नगाड़ों को बजाया जाएगा।

वैशाली कट से यूपी गेट पर किसी भी वाहनों को आने की अनुमति नहीं है। यहां सिर्फ एम्बुलेंस, किसान और मीडियाकर्मियों को आने की अनुमति है। वर्ल्ड रेस वाकिंग में 5वीं रैंक पर मौजूद स्पोर्ट्स खिलाड़ी रेनू कादयान सेहरावत भी यूपी गेट पर किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचीं।

वैशाली सेक्टर-1 के कट तक ट्रैक्टर-ट्रॉली की कतार पहुंच गई है। इसी के चलते यूपी गेट की ओर ट्रैफिक नहीं आने दिया जा रहा है महाराजपुर बॉर्डर पर वाहनों का दबाव बढ़ने से शनिवार दिन में जाम लग गया। कौशांबी-वैशाली समेत मोहननगर, दिल्ली-वजीराबाद रोड पर ट्रैफिक धीमी गति से घंटो चला। गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा बढ़ाई गई है। पीएसी बल भी तैनात किया गया है। 

सरकार द्वारा डेढ़ साल तक कानूनों को रोक लगाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने के मामले में राकेश टिकैत ने कहा कि अब सरकार से बातचीत टूटेगी और फिर एक महीने बाद किसानों की बात सुनी जाएगी। ट्रैक्टर रैली को लेकर टिकैत ने कहा कि, किसान बिना कागज और लिखा-पढ़त के भी दिल्ली जाएगा। वहीं सिंघु बॉर्डर पर एक संदिग्ध द्वारा प्रेस वार्ता करने के मामले में टिकैत ने कहा कि किसान कमेटी ने उस संदिग्ध को हरियाणा दिल्ली और पंजाब पुलिस को सौंपा है, यदि ट्रैक्टर रैली के दौरान कोई दंगा होता है तो उसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।