केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला- इस साल दुर्गा पूजा और राम लीला पर कोई रोक नहीं। मगर माननी होगी ये शर्ते

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CM Kejriwal Meeting on Omicron

दिल्ली में रामलीला और दुर्गा पूजा के लिए पंडाल सजेंगे. दिल्ली सरकार ने रविवार को इसके लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं. हालांकि, देश की राजधानी दिल्ली में त्‍योहार के दौरान 31 अक्टूबर तक मेला, किसी वेन्यू के अंदर या बाहर फूड स्टॉल, रैली, प्रदर्शनी या जुलूस की इजाजत नहीं होगी. दिल्ली सरकार का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी कार्यक्रम से पहले इलाके के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से इजाज़त लेना जरूरी होगा. आवेदन मिलने पर डीएम और डीसीपी मिलकर इजाज़त देंगे, लेकिन इससे पहले कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया जाएगा.

किसी भी बंद जगह में होने वाले इवेंट में जगह की पूरी क्षमता के मुकाबले आधे लोग ही जमा हो सकेंगे. 200 से ज़्यादा लोगों को जमा नहीं होने दिया जाएगा. खुली जगह में दूरी के नियम के हिसाब से अधिकतम संख्या सख्ती के साथ तय की जाएगी. इवेंट ऑर्गेनाइजर किसी भी इवेंट के लिए अंदर आने और बाहर जाने के लिए अलग-अलग गेट रखेंगे और किसी भी व्यक्ति को बिना मास्क के एंट्री किसी सूरत में नहीं देंगे.

ऐसे सभी इवेंट का डाटा डीएम को अपने पास रखना होगा. पूरी दिल्ली का डाटा डिविजनल कमिश्नर के पास रहेगा. हर इवेंट जैसे रामलीला, पूजा पंडाल के लिए डीएम एक नोडल ऑफिसर नियुक्त करेंगे. इलाके के डीसीपी भी एक नोडल ऑफिसर नियुक्त करेंगे. ये दोनों अधिकारी सरकार द्वारा जारी आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएंगे.

कुछ दिन पहले भी दिल्ली सरकार ने नवरात्र, दीवाली को लेकर एसओपी जारी की थी. नई एसओपी में सरकार ने बताया था कि अनलॉक 5.0 की केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स के मुताबिक 200 लोगो के साथ नवरात्र मनाई जा सकती है, लेकिन इसके लिए मूर्ति स्थापना और आरती नहीं होगी और प्रसाद भी नहीं बांटा जा सकेगा. नई एसओपी 16 अक्टूबर से दीवाली और शरद पूर्णिमा तक आनेवाले त्‍योहारों के लिए लागू होगी.