अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा- इस साल लोकतंत्र की परीक्षा थी, लोग खरे उतरे

200

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच अमेरिकी चुनाव लोकतंत्र की एक परीक्षा थी और रिकॉर्ड मतदान कर लोग इसमें खरे उतरे। अपने ‘थैंक्सगिविंग’ संबोधन में बाइडन ने कहा कि हमें लोकतंत्र का आभारी होना चाहिए। इस साल चुनाव में, हमने देखा कि रिकॉर्ड संख्या में अमेरिकियों ने अपने पवित्र मताधिकार का इस्तेमाल किया। 

डेलावेयर के विलमिंगटन में ‘थैंक्सगिविंग’ संबोधन के दौरान बाइडन ने कहा, ‘जरा सोचें कि वैश्विक महामारी के बीच, अमेरिका के इतिहास में सबसे अधिक लोगों ने वोट किया।’ उन्होंने कहा कि देश की वायरस से लड़ाई जारी है और इसे मात देने के लिए अपने प्रयास दोगुने करें। उन्होंने कहा कि 15 करोड़ से अधिक लोगों ने वोट दिया। यह बेहद असाधारण है। बाइडन ने कहा कि यदि आपको जानना है कि अमेरिका के दिल की गहराई में क्या धड़कता है तो यह ‘लोकतंत्र’ है।

अपने जीवन, अपने अधिकार और अपने नेता को चुनने का अधिकार, सुनवाई का अधिकार। इस साल हमारे लोकतंत्र की परीक्षा हुई और हमने पाया कि इस देश के लोग इसमें खरे उतरे। उन्होंने देश से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा, आप चाहते हैं कि डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकन्स और निर्दलीय सभी एक साथ आएं और एक साथ काम करें। मैं भी यही करना चाहता हूं।

अमेरिका में थैंक्सगिविंग दिवस भारतीय समयानुसार शुक्रवार को मनाया जाएगा। लेकिन इसकी पूर्व संध्या पर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने देश के लोगों से कोरोना वायरस के मद्देनजर सार्वजनिक समारोह नहीं मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें याद रखना होगा कि हम वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, एक-दूसरे के खिलाफ नहीं। यह वही क्षण है, जहां हमें कोशिशें दोहरी करनी होंगी। हम इसके खिलाफ एकजुट हैं।