Jet Airways फिर से भरेगी अपनी उड़ान, कर्मचारियों को मिलेंगे 113 करोड़ रुपये, कंसोर्टियम की तरफ से 6 महीने में लगाए जाएंगे 280 करोड़ रुपये

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भारी घाटे और कर्ज के कारण अप्रैल 2019 में बंद हो चुकी जेट एयरवेज फिर आसमान में उड़ने काे तैयार है. कंसोर्टियम ने लेनदारों को चुकाने के लिए पहले दो सालों में 600 करोड़ रुपये निवेश करने और कंपनी में 89.79 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने का प्रस्ताव दिया है. डील के मुताबिक, कर्मचारियों और वर्कमेन को पहले छह महीनों में 113 करोड़ रुपये मिलेंगे.

मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंसोर्टियम ने अगले पांच सालों में 1,183 करोड़ रुपये के भुगतान करने का प्रस्ताव रखा है. बता दें कि जेट को लंदन की एसेट मैनेजमेंट कंपनी कैलरॉक कैपिटल और एंटरप्रेन्योर मुरारी लाल जालान की कंसोर्टियम खरीद रही है.

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी एनसीएलटी से रिजॉल्यूशन प्लान की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी में 180 दिनों के भीतर 280 करोड़ रुपये की पूंजी झोंकी जाएगी. इसमें 107 करोड़ रुपये वित्तीय लेनदारों, 43 करोड़ CRIP, 113 करोड़ रुपये कर्मचारियों और वर्कमेन, 9 करोड़ रुपये के लिए अन्य लेनदार और 8 करोड़ रुपये आकस्मिक फंड में जाएगी.

भारी घाटे और कर्ज के कारण जेट एयरवेज अप्रैल 2019 में बंद हो गई थी. उस समय कंपनी के प्रमोटर नरेश गोयल को 500 करोड़ रुपए की जरूरत थी, लेकिन वे इसे जुटा नहीं पाए. हालत यह हो गई कि कर्मचारियों की सैलरी और अन्य खर्च भी नहीं निकल पा रहे थे. जेट एयरवेज बंद होने के बाद इसके करीब 17 हजार कर्मचारी सड़क पर आ गए थे. इसके बाद जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने नरेश गोयल को कंपनी के बोर्ड से हटा दिया था.