केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में भी पहले चरण में एक लाख स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाएगी कोरोना वैक्सीन

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कोविड-19 वैक्सीन देने की तैयारियों को लेकर केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर बनी टास्क फोर्स की वीरवार को पहली बैठक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्त आयुक्त अटल ढुल्लू की अध्यक्षता में हुई। इसमें परिवार कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. रेनू शर्मा ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार ही जम्मू कश्मीर में भी कोविड 19 वैक्सीन का इस्तेमाल होगा। पहले चरण में लगभग एक लाख स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में सात लाख के करीब फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी। तीसरे चरण में अधिक रिस्क वाले करीब बीस लाख लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। यह वैक्सीन पहले से पंजीकृत लोगों को ही दी जाएगी। मौके पर किसी को भी वैक्सीन नहीं दी जाएगी।

इस अवसर पर वित्त आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अटल ढुल्लू ने सभी संबंधित विभागों से अपने-अपने संसाधनों को पूरी तरह से तैयार रखने को कहा। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में कोरोना वैक्सीन कभी भी आ सकती हैं। इसके लिए अभी से तैयार रहना होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने जिलों में वैक्सीन देने के लिए टीमें गठित करने के अलावा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत भी टीमों का गठन करने को कहा। उन्होंने कोल्ड बॉक्स, वैक्सीन कैरियर, किट्स सहित हर प्रकार की जरूरत के बारे में जानकारी देकर इसकी खरीदारी प्रक्रिया को भी शुरू करने को कहा। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने, लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाने और रूबेला वैक्सीन की तर्ज पर ही करने को कहा। यह अभियान जम्मू-कश्मीर में शत-प्रतिशत सफल रहा था। बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के डायरेक्टर जनरल प्लानिग, मिशन निदेशक नेशनल हेल्थ मिशन, जम्मू नगर निगम की आयुक्त, प्रिसिपल मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य निदेशक, इंडियन सिस्टम आफ मेडिसीन के डायरेक्टर भी मौजूद थे।