IRDA : यात्रा बीमा पॉलिसी में बदलाव करने की तैयारी, जानिए करोड़ों लोगों को कैसे होगा इसका सीधा फायदा

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भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA) ने यात्रा बीमा के लिए मानक दिशानिर्देशों का प्रस्ताव किया है. IRDA ने सोमवार को ‘मानक यात्रा बीमा पॉलिसी पर दिशानिर्देश’ का मसौदा जारी करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य घरेलू के साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान बीमा कवरेज देना है. यात्रा बीमा पॉलिसी के दायरे में फ्लाइट छूटने, चेक-इन सामान का गायब होना, यात्रा में विलंब होना और पासपोर्ट गुम होना भी आएगा. यात्रा बीमा पॉलिसी आपकी यात्रा शुरू होने से लेकर यात्रा खत्म होने तक वैध होती है.

इरडा ने इसके मसौदे पर 6 जनवरी, 2021 तक अंशधारकों से टिप्पणियां मांगी हैं. इसमें मानक शर्तें, ग्राहक सूचना शीट और फाइल फॉर्मेट का इस्तेमाल शामिल है. मसौदे में यात्रा बीमा के दायरे में क्या चीजें होंगी और क्या इसके दायरे से बाहर होंगी, उनका ब्योरा है.

मसौदे के अनुसार यदि बीमित व्यक्ति विदेश में दुर्घटना का शिकार होकर घायल होता है और दुर्घटना के 365 दिन के अंदर उसकी मृत्यु इस एकमात्र वजह से होती है, तो उसके परिजनों को बीमा कंपनी बीमित राशि के बराबर मुआवजे का भुगतान करेगी. यदि दुर्घटना में मृत्यु नाबालिग या 18 साल से कम के व्यक्ति की होती, तो बीमा कंपनी पर अधिकतम देनदारी बीमित राशि का 50% होगी.

घरेलू यात्रा बीमा में बीमित व्यक्ति यात्रा कर रहा है यदि उस साझा परिवहन वाहन की दुर्घटना हो जाती है और दुर्घटना से 365 दिन के अंदर बीमित की मृत्यु हो जाती है, तो बीमा कंपनी को बीमित राशि का भुगतान उसके परिजनों को करना होगा.

यात्रा बीमा किसी यात्रा के दौरान होने वाले नुकसान से बचाती है. अगर कोई व्यक्ति किसी काम से या घूमने के लिए विदेश जाता हैं और उसे चोट लग जाती है या सामान गुम हो जाता है तो बीमा कंपनी उसे मुआवजा देती है.

इस साल बीमा नियामक ने उपभोक्ताओं के भरोसे को बढ़ाने के साथ ही मानक उत्पादों की पेशकश की और ‘अपने ग्राहक को जानो (KYC) मानदंडों को आसान बनाया है.

बीमा योजना देने के लिए OTP आधारित सहमति और वीडियो KYC होगी. नियामक ने कहा कि ओटीपी आधारित सहमति से बीमा योजना देने और वीडियो केवाईसी की शुरूआत से ग्राहकों के साथ ही उद्योग को भी फायदा मिला.