अजीत डोभाल: अपनी सीमा में ही नहीं, खतरा पैदा करने वाली विदेशी धरती पर जाकर भी लड़ेंगे

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    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के ऋषिकेश में शनिवार को धार्मिक कार्यक्रम में दिए बयान पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनका बयान चीन या किसी विशिष्ट स्थिति को लेकर नहीं था। वह विशुद्ध रूप से भारतीय सभ्यता और आध्यात्मिकता के संदर्भ में बोल रहे थे।

    दरअसल डोभाल ने कहा था कि आप कहते हो कि हमने किसी पर हमला नहीं किया और इसको लेकर कई दृष्टिकोण हैं। लेकिन अगर देश को खतरा होता है तो हम हमला भी कर सकते हैं क्योंकि यह देश को बचाने के लिए जरूरी है। हमें जहां खतरा महसूस होगा, हम वहां लड़ेंगे। हम अपनी जमीन और दुश्मन की जमीन पर भी युद्ध लड़ सकते हैं, लेकिन सिर्फ स्वार्थ कारणों के लिए नहीं।
    इसके बाद कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि डोभाल ने चीन व पूर्वी लद्दाख के संदर्भ में यह बात कही है। इसके बाद सरकार की ओर से स्पष्टीकरण आया है। डोभाल शनिवार को ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम में थे, जहां उन्होंने भारत के आध्यात्मिक शक्ति के बारे में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद का भी जिक्र किया।