देश के विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट, 6.24 अरब डॉलर घटकर 583.945 अरब डॉलर पर

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार पांच फरवरी को समाप्त सप्ताह में 6.24 अरब डॉलर घटकर 583.945 अरब डॉलर रह गया। रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.852 अरब डॉलर बढ़कर 590.185 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया था। 

भारतीय रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार पांच फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) के घटने की वजह से मुद्रा भंडार में गिरावट आई। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, कुल विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होती है। रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि में एफसीए 4.88 अरब डॉलर घटकर 542.338 अरब डॉलर रह गई। एफसीए को दर्शाया डॉलर में जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्रा सम्पत्ति भी शामिल होती हैं। 

आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.327 अरब डॉलर घटकर 34.967 अरब डॉलर रह गया। देश को अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (आईएमएफ) में मिला विशेष आहरण अधिकार 60 लाख डॉलर घटकर 1.503 अरब डॉलर रह गया जबकि आईएमएफ के पास आरक्षित मुद्रा भंडार भी 2.7 करोड़ डॉलर घटकर 5.138 अरब डॉलर रह गया।

विदेशी मुद्रा भंडार देश के केंद्रीय बैंकों द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य परिसंपत्तियां होती हैं, जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर देनदारियों का बुगतान करने में किया जाता है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। यह आयात को समर्थन देने के लिए आर्थिक संकट की स्थिति में अर्थव्यवस्था को बहुत आवश्यक मदद उपलब्ध कराता है। इसमें आईएमएफ में विदेशी मुद्रा असेट्स, स्वर्ण भंडार और अन्य रिजर्व शामिल होते हैं, जिनमें से विदेशी मुद्रा असेट्स सोने के बाद सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं।