हिंदुओं के लिए बांग्लादेश में जीना मुश्किल – 9 साल में हजारों मंदिरों में तोड़फोड़

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बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के दौरान फैली अफवाह के बाद हिंदू समुदाय पर लगातार हो रहे हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इन हमलों में कई मंदिरों और घरों को छतिग्रस्त किया गया है। वहीं, एक अधिकार समूह ने बताया है कि पिछले नौ वर्षों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगभग 3,721 हमले हुए है। ऐन ओ सलीश केंद्र के अनुसार 2021 पिछले पांच वर्षों में अब तक का सबसे घातक वर्ष रहा है।

ढाका ट्रिब्यून ने आनलाइन प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इसी अवधि में हिंदू मंदिरों, मूर्तियों और पूजा स्थलों पर तोड़फोड़ और आगजनी के कम से कम 1,678 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों में 18 हिंदू परिवारों पर हमले हुए हैं। अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन हमलों की संख्या इससे भी अधिक हो सकती है, क्योंकि मीडिया केवल उस बड़ी मामलों को कवर करता है जो प्रकाश में आती है।
पिछले नौ वर्षों में सबसे खराब स्थिति 2014 में थी जब अल्पसंख्यकों के 1,201 घरों और प्रतिष्ठानों में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की थी। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, राइट्स ग्रुप के अनुसार, इस साल सितंबर के अंत तक लगभग 196 घरों, व्यापारिक केंद्रों, मंदिरों, मठों और मूर्तियों को भी तोड़ दिया गया था। इस बीच, कोमिला में कुरान की प्रति को अपवित्र किए जाने की अफवाह ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ सांप्रदायिक हमलों की एक श्रृंखला को शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों की मौत भी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध, ईसाई एकता परिषद ने दावा किया है कि हमलों में लगभग 70 लोग घायल हुए हैं, जबकि देश में हाल ही में हुई हिंसा में लगभग 130 घरों, दुकानों, व्यापारिक केंद्रों या मंदिरों में तोड़फोड़ की गई है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुरान को लेकर फैली अफवाह के बाद बांग्लादेश में कई जगहों पर सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी। चांदपुर, चटगांव, गाजीपुर, बंदरबन, चपैनवाबगंज और मौलवीबाजार के इलाकों में कई पूजा स्थलों में तोड़फोड़ की गई। इन झड़पों में कई लोग हताहत भी हुए।

ढाका ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, शुक्रवार को देश के नोआखली जिले के बेगमगंज उपजिला में विजयादशमी पर दुर्गा पूजा समारोह के दौरान हुए हमले में जतन कुमार साहा नाम का एक व्यक्ति भी मारा गया और 17 अन्य घायल हो गए।