हरियाणा में मास्टरप्लान तैयार, हर दिन पांच लाख लोगों पर लगेगी कोरोना वैक्सीन

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हरियाणा सरकार नए साल में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लोगों के वैक्सीनेशन के लिए तैयार है। लोगों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाने की तैयारियां 24 नवंबर से चल रही हैं, जो अब पूरी हो गई। हरियाणा सरकार हर रोज कम से कम पांच लाख लोगों का वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। केंद्र सरकार से यदि हरियाणा को अधिक वैक्सीन मिली तो वैक्सीनेशन की संख्या बढ़ाई जा सकती है। शहरों और गांवों में वैक्सीनेशन के लिए चुनाव की तर्ज पर वैक्सीनेशन पार्टियां रवाना होंगी। चुनाव में मतदान से पहले पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों के लिए रवाना होती हैं।

हरियाणा को जनवरी माह के अंत तक वैक्सीन की डोज मिलने की उम्मीद है। इसके लिए राज्य का स्वास्थ्य विभाग लगातार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संपर्क में है। पूरे देश में जब वैक्सीन आवंटन होगा, तभी हरियाणा को भी वैक्सीन उपलब्ध हो सकेगी। हरियाणा आबादी करीब पौने तीन करोड़ है। स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन के लिए यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम और इलेक्ट्रानिक वैक्सीनेशन इंटेलीजेंस नेटवर्क दोनों को इकट्ठा करते हुए संयुक्त कोविन प्रोग्राम तैयार किया है। इसके तहत राज्य में वैक्सीनेशन के रजिस्ट्रेशन के लिए 21 हजार साइट्स बनाई गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा के अनुसार हरियाणा में वैक्सीनेशन के लिए करीब 700 कोल्ड चेन हैं और सैकड़ों रेफ्रिजरेशन वैन की व्यवस्था की गई है, ताकि इन्हें गांव देहात में ले जाने में दिक्कतें सामने न आ सकें। प्रदेश में वैक्सीन लगाने के लिए अभी तक 5154 वैक्सीनेटर को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। एक व्यक्ति को दिन में करीब 100 लोगों को इंजेक्शन लगाने (वैक्सीनेशन) का लक्ष्य दिया जाएगा। इस तरह एक दिन में 5154 वैक्सीनेटर औसतन पांच लाख लोगों को कवर करेंगे।

स्वास्थ्य सचिव के अनुसार मुख्य सचिव विजय वर्धन की अध्यक्षता में स्टेयङ्क्षरग कमेटी तथा उनके स्वयं के नेतृत्व में स्टेट टास्क फोर्स का गठन किया गया है। अन्य टास्क ग्रुप भी बनाए गए हैं, जिनकी बैठकों में सफल वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। राजीव अरोड़ा ने बताया कि वैक्सीनेशन पार्टियां ठीक उसी तरह से काम करेंगी, जिस तरह से चुनाव में मतदान से पहले पोङ्क्षलग पार्टियां काम करती हैं। वह अपना बस्ता लेकर मतदान केंद्रों तक जाती हैं, जिसमें मतदान के लिए जरूरी सामग्री होती है। उसी तरह से वैक्सीनेशन पार्टियों को भी वैक्सीनेशन केंद्रों पर भेजा जाएगा।

हरियाणा में वैक्सीन आने के बाद सबसे पहले फ्रंट लाइन हेल्थ वर्करों का टीकाकरण होगा। उसके बाद दूसरे फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी, जिसमें शहरी निकाय कर्मी, सफाई कर्मचारी, डिफेंस पर्सन और पुलिस विभाग के लोग शामिल होंगे। तीसरे चरण में 50 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा और चौथे चरण में 50 साल से कम आयु के लोगों का वैक्सीनेशन होगा। इसके लिए हर वर्ग की पहचान कर ली गई है तथा उसे सूचीबद्ध किया जा चुका है। पहली श्रेणी के लोगों की संख्या करीब दो लाख है, जबकि दूसरी श्रेणी के लोग साढ़े चार लाख है। तीसरी श्रेणी के लोग 50 लाख से ऊपर हैं, जबकि चौथी श्रेणी में भी काफी लोग आते हैं। राजीव अरोड़ा ने बताया कि विभाग की समस्त तैयारी पूरी हो चुकी है।

हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज का कहना है, मेरा लोगों से आग्रह है कि वह कोरोना को हलके में न लें। उन्हें बचाव करना चाहिये। यह बात सही है कि हमारे यहां रिकवरी रेट काफी अच्छा है। लोगों की इम्युनिटी पावर भी काफी स्ट्रांग है। वैक्सीनेशन के लिए हमारा विभाग पूरी तैयारी में जुटा है। एक्टिव केस राज्य में अब चार सौ के आसपास रह गए हैं, जो पहले चार हजार तक थे। रिकवरी रेट भी 98 प्रतिशत के आसपास है। केंद्र से वैक्सीन मिलते ही हरियाणा में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। वैक्सीन शुरू होने के बाद इसके लगाने की प्रक्रिया काफी दिनों तक चलती रहनी है। इसलिए जो लोग कोरोना संक्रमण से बचे हुए हैं, वह बचे रहें और सावधानी बरतते हुए दूसरे लोगों को भी जागरूक करें।