गोरखपुर महोत्सव 2021 का हुआ शुभारंभ, डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहा-योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ऊपर से देखा जाता है

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उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नीलकंठ तिवारी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत पूरे राज्य में इको टूरिज्म के विकास की अदभुत संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशानिर्देश पर कर्नाटक के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में इको टूरिज्म का बोर्ड बनाया जाएगा। डॉ तिवारी ने सोमवार को गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में दो दिवसीय गोरखपुर महोत्सव 2021 का शुभारंभ करते हुए यह बातें कहीं।

पर्यटन राज्य मंत्री ने पूर्वांचल में इको टूरिज्म का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर का अनुपम रामगढ़ ताल जहां इस कोरोना काल मे भी नव वर्ष के पहले दिन आठ से दस लाख लोगों के आगमन का गवाह बना वहीं चंदौली का चन्द्रपप्रभा जलप्रपात विश्व का तीसरे नंबर का जलप्रपात है। पूर्व की सरकारों में उपेक्षित इन स्थलों को संजोने का कार्य योगी सरकार कर रही है।

अयोध्या में पर्यटन विभाग की तरफ से 400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं चालू

डॉ तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में सांस्कृतिक जागरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विवादित बनाकर विकास से वंचित किए गए अयोध्या धाम में भव्य दिव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ ही इसे विश्व का सबसे सुंदर शहर बनाने के लिए पर्यटन विभाग की तरफ से 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं चालू हैं।

उन्होनें बताया कि काशी विश्वनाथ में भव्य धाम, मथुरा वृंदावन में 300 से अधिक पर्यटन स्थलों का विकास, चित्रकूट धाम में लक्ष्मण झूला, मंदाकिनी आरती, घाटों का सुंदरीकरण, श्रृंगवेरपुर में निषादराज गुह्य का उद्यान, बहराइच में 40 एकड़ में वीर सुहेलदेव पासी की स्मृति में प्रोजेक्ट, कुशीनगर में 40 करोड़ से पर्यटन सुविधाओं का विकास, संतकबीर की स्थली, देवीपाटन आदि का विकास भी पहली बार योगी सरकार में किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने प्रयागराज के भव्य कुंभ की सफलता का भी उल्लेख किया।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ऊपर से देखा जाता है

पर्यटन मंत्री ने कहा कि 2017 के पहले तक उत्तर प्रदेश की गिनती राज्यों की कतार में नीचे से होती थी लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ऊपर से देखा जाता है। आज यूपी डोमेस्टिक टूरिस्ट के लिए देश में नम्बर वन है। विदेशी टूरिस्ट के लिए देश मे दूसरे स्थान पर है। सुरक्षा और सुविधा मिलने से उत्तर प्रदेश इज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में दूसरे नम्बर पर है। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में योगी जी के नेतृत्व में अदभुत परिवर्तन हुए।

पर्यटन मंत्री ने 1947 से 2014 तक के कालखण्ड का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने स्व का भाव त्याग रखा था। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश के विकास की रचना देश के अनुसार, युवानुकूल, देशानुकूल शुरू हुई। गरीबों को मुफ्त में मकान, शौचालय, रसोई गैस, बिजली 2014 के बाद मिलनी शुरू हुई।

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गांव, गरीब, किसान और पूर्वांचल बहुमुखी विकास योगी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देन है कि अकेले गोरखपुर में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं को संचालित किया जा रहा है। साल भर में यहीं के कारखाने में उत्पादित खाद लोगों को मिलने लगेगी।

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गोरखपुर मंडल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता और सजगता से 2.88 लाख से अधिक किसानों का 1184 करोड़ रुपये का कृषि ऋण माफ किया गया। यह कर्ज सपा सरकार में चढ़ा था। उन्होनें कहा कि गोरखपुर मंडल में 19.70 लाख से अधिक किसानों के खाते में 2134 करोड़ रुपये की राशि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत भेजी गई। गोरखपुर मंडल में 41 करोड़ रुपये का अनुदान कॄषि यंत्रों की खरीद और 50.24 करोड़ रुपये का अनुदान बीज खरीद पर दिया गया। कृषि मंत्री श्री शाही ने कहा कि पूर्वांचल अध्यात्म, कला व संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। इसके अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्थानीय लोगों को व्यक्तित्व उजागर करने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं।

महोत्सव के शुभारंभ समारोह को गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, राज्य सभा सदस्य जयप्रकाश निषाद, महापौर सीताराम जायसवाल, नगर विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल, पूर्व मंत्री व विधायक फतेह बहादुर सिंह ने भी संबोधित किया। स्वागत संबोधन में गोरखपुर के मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि कोरोना काल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और मार्गदर्शन से यह आयोजन संभव हो सका। इस अवसर पर जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन समेत बड़ी संख्या में अधिकारी, उद्यमी, कलाकार व कई जनपदों से आए लोग मौजूद रहे।