हेट स्पीच पर शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने फेसबुक को किया तलब

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प्रतीकात्मक तस्वीर

सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति ने फेसबुक को पेशी के लिए तलब किया है. संसद की स्थायी समिति इस दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के कथित दुरुपयोग पर सवाल-जवाब कर सकती है. एक अमेरिकी मीडिया एजेंसी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया है कि फेसबुक ने कुछ बीजेपी नेताओं के खिलाफ अपने हेट स्पीच नियमों को लागू नहीं किया था, क्योंकि इससे उसे भारत में अपना बिजनेस प्रभावित होने का डर था.

इस खुलासे के बाद भारत की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस समेत विपक्षी दल फेसबुक और केंद्र सरकार से सवाल कर रहे हैं. बता दें कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन हैं. उन्होंने फेसबुक को इस मुद्दे पर पूछताछ के लिए तब तलब किया है जब बीजेपी के कुछ सांसद उन्हें चेयरमैन पद से हटाने की मांग कर रहे हैं.

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि शशि थरूर इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडे के लिए कर रहे हैं लिहाजा उन्हें पद से हटाया जाए. बता दें कि निशिकांत दुबे सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के सदस्य हैं.

लोकसभा सचिवालय द्वारा फेसबुक को तलब किए जाने संबंधी जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 2 सितंबर को फेसबुक के प्रतिनिधियों के अलावा, समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों से “नागरिकों के अधिकारों की रक्षा” विषय पर चर्चा होगी. इस दौरान सोशल/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और डिजिटल स्पेस में महिलाओं की सुरक्षा पर खास जोर दिया जाएगा.

बता दें कि वॉल स्ट्रीट जर्नल के खुलासे के बाद ही कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा था कि संसद की स्थायी समिति फेसबुक से ही इस बारे में उसकी राय जानना चाहेगी. 2 सितंबर को ये जवाब मांगा गया है. शशि थरूर के इस बयान का बीजेपी ने विरोध किया था और कहा था कि थरूर अपनी पार्टी के राजनीतिक फायदे के लिए अपने पद का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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