भारत-नेपाल के बीच सोमवार को हुई पहली बैठक में नहीं उठे विवादित मुद्दे

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नक्शा विवाद के बाद भारत-नेपाल के बीच सोमवार को पहली उच्चस्तरीय बैठक हुई। नेपाल में भारत की मदद से चल रही विकास परियोजनाओं की निगरानी के लिए गठित तंत्र की आठवीं बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा हुई। इस दौरान कोई विवादित मुद्दा नहीं उठा। अगस्त अंत या सितंबर में होने वाली राजनयिक स्तर की दूसरे दौर की बैठक में विवादित मुद्दों पर बात होगी। बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्री शिरकत कर सकते हैं। हालांकि इसकी अंतिम रूपरेखा तय होनी अभी बाकी है।

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने दो-तीन महीनों में अपने बयानों से द्विपक्षीय संबंधों में कड़वाहट घोल दी थी। नया नक्शा, सीमा पर फायरिंग, भगवान राम और गौतम बुद्ध की जन्मस्थली जैसे विवादास्पद मुद्दों के तूल पकड़ने से दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करना पहली प्राथमिकता थी। इसके चलते भारत ने विवादास्पद मुद्दों को दूसरे दौर की बैठक तक टालने पर सहमति दी। वहीं, नेपाल के पीएम खुद अपनी पार्टी में अलग-थलग पड़ रहे हैं। ऐसे में भारत कड़े कदम उठाने से पहले सत्तारूढ़ दल के अंतर्विरोध को उसके परिणाम तक पहुंचने का इंतजार कर रहा है।

भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में नेपाल की मदद जारी रखेगा। 23 अप्रैल को नेपाल में राजदूत नियुक्त होते ही क्वात्रा ने एचसीक्यू और पैरासीटामॉल सहित 23 टन दवाईयां नेपाल को सौंपी थी। इसके अलावा 13 मई को 30 हजार जांच किट, नौ अगस्त को 10 वेंटीलेटर नेपाल को सौंपे थे। इसके साथ ही नेपाली सेना को 2.8 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी थी

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