सेना उपप्रमुख: स्वदेशी हथियारों से युद्ध लड़ने को तैयार है फौज, लेकिन इनकी कड़ी जांच हो

342

केंद्र सरकार का लक्ष्य रक्षा उद्योग में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर है। सरकार इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में काम कर रही है। हाल ही में, सरकार ने रक्षा क्षेत्र के 101 उत्पादों पर आयात प्रतिबंध लगाया है। वहीं, उप सेनाप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने सोमवार को कहा, सेना स्वदेशी हथियारों के साथ किसी भी युद्ध को लड़ने के लिए तैयार है। 

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के वेबिनार में उप सेनाप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने कहा, सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं को विकसित करना अत्यावश्यक था क्योंकि खराब स्थितियों के दौरान, अन्य देशों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियां या तो उपलब्ध नहीं है या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की कीमत पर हैं।

उन्होंने कहा,सेना स्थानीय रूप से उत्पादित उपकरणों के साथ लड़ने के लिए तैयार थी, लेकिन यह कड़े गुणवत्ता परीक्षण और डिलीवरी समयसीमा का पालन करने वाले निर्माताओं को मिले। सेना को अपने दुश्मनों से लड़ने के लिए सर्वोत्तम हथियारों और प्रणालियों से लैस करना महत्वपूर्ण था क्योंकि हारने वाले को भारी लागत का सामना करना पड़ता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here