किसान आंदोलन 22वां दिन: आज फिर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, किसानों ने कहा- हमने नए कृषि कानून नहीं, फसलों के दाम बढ़ाने की मांग की थी

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हाड़ कंपा देने वाली ठंड में प्रदर्शन  कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 22वां दिन है। इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है। किसानों का कहना है कि चाहे ठंड पड़े या बारिश जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी हम वापस नहीं जाएंगे। वहीं कल किसानों के समर्थन में संत बाबा राम सिंह ने खुदकुशी कर ली, जिसके बाद किसान कह रहे हैं कि अब तो वह बिना अपनी मांगें पूरी किए वापस नहीं जाएंगे। दूसरी तरफ बुधवार की सुनवाई के बाद आज सुप्रीम कोर्ट आज फिर किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

चिल्ला बॉर्डर बंद होने के चलते नोएडा दिल्ली लिंक रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम लग गया है।

कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सुप्रीम कोर्ट में आज किसानों को बॉर्डर से हटाने की याचिका पर सुनवाई होनी है। भारतीय किसान यूनियन दोआबा के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया, ‘अभी तक हमें सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कोई नोटिस नहीं आया है।’

सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बढ़ती ठंड से बचने के लिए गैस हीटर लगाए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, ‘लोग लकड़ी जलाकर अपना काम चला रहे हैं। किसान नेताओं ने कुछ हीटर मंगाए हैं लेकिन ये गैस से चलते हैं, इनमें खर्चा है।’

सुप्रीम कोर्ट में आज किसान आंदोलन से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई होगी। इसमें किसानों को तुरंत प्रदर्शनस्थल से हटाने की मांग वाली याचिका भी है।