किसान आंदोलन को लेकर दुष्यंत चौटाला का बयान – सरकार-किसानों में जल्द होगी वार्ता

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हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार देर शाम कहा कि मुझे उम्मीद है कि केंद्र और किसान संघ के बीच आपसी सहमति से हम इस मुद्दे को बातचीत से हल कर सकते हैं। मैं अगले 24 से 40 घंटे के लिए आशान्वित हूं। वार्ता का एक और दौर होगा और कुछ निर्णायक बयान निकल सकते हैं। दुष्यंत चौटाला ने यह बात केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात के बाद कही है।

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस तरह से केंद्र वार्ता कर रहा है, वे भी इस मुद्दे (किसान आंदोलन) का समाधान चाहते हैं। मुझे उम्मीद है कि 24 से 40 घंटे में अंतिम दौर की वार्ता केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच होगी और निर्णायक नतीजे सामने होंगे। इससे पहले दुष्यंत चौटाला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इस बारे में अभी पता नहीं चल सका है।

उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है जिस तरह से केंद्र बात कर रहा है और किसान संगठनों की जो मांग है, इसे लेकर 24 पेज का सरकार ने प्रस्ताव दिया था, उस पर जवाब आएगा। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर जो स्थिति है वो भी सामान्य होगी। किसानों की जो मांग है उस पर भी आम सहमति बनेगी।

हरियाणा में सरकार पर दवाब को लेकर किए गए सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमने पहले भी कहा है कि हरियाणा में हमने 6 फसलों पर एमएसपी सुनिश्चित की है। कई राज्यों में तो 2 फीसद भी एमएसपी सुनिश्चित नहीं है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 24 से 40 घंटे मेंमें समाधान निकलने की संभावना है। रास्ता बातचीत से निकलता है और पूरी दुनिया उम्मीद पर कायम है। दो पक्षों में छह राउंड की बैठक हुई है। एक से दूसरे राउंड की बातचीत तभी हुई जब कुछ प्रोडक्टिव दिखा। उम्मीद है सातवें दौर की बातचीत जल्दी होगी। 48 घंटों में कुछ समाधान निकलने की संभावना है।

किसानों पर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को रद करने की मांग

बता दें कि जेजेपी ने किसान मुद्दे पर भाजपा पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। दुष्यंत चौटाला ने हाल ही में किसान मुद्दे पर अपने पार्टी विधायकों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में पार्टी विधायकों से किसान आंदोलन का उनके क्षेत्र में असर, राज्यों को लोगों के रुख आदि के बारे में फीडबैक लिया गया।

इससे पहले, जननायक जनता पार्टी ने किसानों पर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को फौरन रद्द करने की मांग की थी। जेजेपी के वरिष्ठ नेताओं का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज से मुलाकात की थी।

जेजेपी के संस्थापक भी उठा चुके है मांग

जेजेपी के संस्थापक और पार्टी अध्यक्ष अजय चौटाला भी कह चुके हैं कि सरकार के दिग्गज यह कहते घुम रहे हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी ) जारी रहेगी लेकिन यदि ऐसा है तो उसे बिल में शामिल करने में क्या समस्या है? जननायक जनता पार्टी सुझाव दे चुकी है कि केंद्र को किसानों को लिखित आश्वासन देना चाहिए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली जारी रहेगी।