सुनंदा पुष्कर मौत मामले में शशि थरूर हुए बरी, कोर्ट को कहा – शुक्रिया, साढ़े सात साल की यातना खत्म हुई

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पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर को बरी कर दिया है। बता दें कि शशि थरूर को दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 498 A (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा अत्याचार) और धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोपी बनाया था।

वहीं फैसला पक्ष में आने के बाद थरूर ने न्यायाधीश को धन्यवाद दिया और कहा कि यह पिछले साढ़े सात साल से एक पूर्ण यातना थी और अब उन्हें राहत मिली है। दलीलों के दौरान, जबकि पुलिस ने 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) सहित विभिन्न आरोप तय करने की मांग की तो थरूर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने अदालत को बताया कि एसआईटी द्वारा की गई जांच में राजनेता के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले और उन्हें सभी आरोपों से पूरी तरह से बरी कर दिया है। 

बता दें कि इससे पहले बीते 27 जुलाई को भी सुनवाई हुई थी लेकिन शशि थरूर की ओर से एक ताजा आवेदन देते हुए मामले में कुछ और कागजात पेश करने की इजाजत मांगने के चलते फैसले को 18 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया था। बिजनेस में अलग पहचान बना चुकीं सुनंदा पुष्कर का नाम चर्चा में तब आया जब 2010 में उनकी शादी कांग्रेस नेता शशि थरूर से हुई। शादी के बाद दोनों खुलकर मीडिया के सामने आते थे।

17 जनवरी 2014 को सुनंदा पुष्कर की हुई थी मौत
गौरतलब है कि सुनंदा पुष्कर दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में 17 जनवरी 2014 की रात को मृत पाई गई थीं। पुष्कर की मौत के बाद उनके पति शशि थरूर के ऊपर मानसिक उत्पीड़न करने और हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में शशि थरूर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार का नाम भी सामने आया था।