दिल्ली की हवा आज भी है जहरीली, सांस लेने में हो रही तकलीफ, AQI 533 पर पहुंचा

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    DELHI AQI

    दिवाली के दो दिन बाद भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता आज भी ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है. पराली जलाने से तेजी से बढ़ रहे धुएं के बीच दिवाली की रात, उसके बाद भी शुक्रवार की रात को बड़े पैमाने पर पटाखे चलाए जाने के कारण शनिवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कोहरे की मोटी परत छा गई है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह दिवाली के बाद पांच साल में सबसे खराब वायु गुणवत्ता है. दिल्ली की हवा जहरीली बनी हुई है. लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है.

    जहरीली हो गई है दिल्ली की हवा

    वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान विभाग के मुताबिक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) उच्चतम स्तर पर रहा और आज सुबह 6 बजे यह 533 के स्तर पर रहा. बता दें कि वायु गुणवत्ता सूचकांक 0 से 50 के बीच को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 को ‘मध्यम’, 201 और 300 को ‘खराब’, 301 और 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है.

    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने लगाया आरोप-लोगों ने जानबूझकर पटाखे फोड़े

    पत्रकारों से बात करते हुए, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खेत में आग लगने के कारण खराब हो गई थी और कुछ लोगों ने इस पर प्रतिबंध के बावजूद दिवाली पर जानबूझकर पटाखे फोड़ दिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने गुरुवार को दिवाली पर लोगों को पटाखे फोड़ने को कहा.

    राय ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की मुख्य वजह दिवाली और दिवाली के बाद भी पटाखे फोड़ना है. पटाखों और पराली ही दिल्ली की हवा को प्रदूषित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि “बड़ी संख्या में लोगों ने पटाखे नहीं फोड़े, मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं. लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझ कर पटाखे फोड़े.भाजपा ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा.

    पराली और पटाखे की वजह से प्रदूषित हुई हवा

    वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी SAFAR के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली का PM2.5 पराली जलाने के कारण 36 प्रतिशत था, जो इस मौसम में अब तक का सबसे अधिक है. SAFAR के संस्थापक परियोजना निदेशक गुफरान बेग ने कहा, “दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता अतिरिक्त आतिशबाजी के साथ गंभीर श्रेणी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है.”