महेंद्र सिंह धोनी के नंबर सात पर बैटिंग करने पर गंभीर बोले , समझ से परे

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इंडियन प्रीमियर लीग 2020 (IPL 2020) का चौथा मुकाबला मंगलवार को चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला गया। इस मैच में चेन्नई को 16 रनों से हरा का सामना करना पड़ा। राजस्थान ने चेन्नई को 217 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य दिया था। इस मैच के दौरान चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी नंबर सात पर बल्लेबाजी करने आए, जिसे लेकर भारत के पूर्व बल्लेबाज और दो बार के आइपीएल विजेता कप्तान गौतम गंभीर ने उनकी आलोचना की है।

धौनी जब बल्लेबाजी करने आए तो टीम को 38 गेंदों पर 103 रन बनाने थे। वहीं दूसरे छोर पर फाफ डु प्लेसिस 18 गेंदों पर 17 रन बनाकर संघर्ष कर रहे थे। एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से बात करते हुए गंभीर ने कहा कि सच कहूं तो मैं थोड़ा हैरान था। मुझे समझ नहीं आया कि एमएस धौनी नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने क्यों आए और खुद से पहले रुतुराज गायकवाड़ और सैम कुर्रन को बल्लेबाजी करने भेजा। आपको आगे आकर नेतृत्व करना चाहिए और ये आगे आकर नेतृत्व करना नहीं है। 217 का पीछा करते हुए जब आप नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने आए तो मैच खत्म हो गया था। मुझे फाफ अकेले लड़ते दिखे। हां, आप एमएस धौनी के आखिरी ओवर के बारे में बात कर सकते हैं, जब उन्होंने तीन छक्के लगाए । लेकिन ईमानदारी कहूं तो इसका कोई फायदा नहीं था।

कोई और कप्तान नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने आता, तो उसकी काफी आलोचना होती

गंभीर ने आगे कहा कि अगर कोई और कप्तान नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने आता, तो उसकी काफी आलोचना होती। लेकिन ये एमएस धोनी हैं। शायद इसलिए लोग इसके बारे में बात नहीं करते हैं। जब आपके पास सुरेश रैना नहीं है,तब आप लोगों को विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि सैम कुर्रन आपसे बेहतर हैं।आप लोगों को यह विश्वास दिला रहे हैं कि रुतुराज गायकवाड़, कुर्रन, केदार जाधव, फाफ डु प्लेसिस, एम विजय ये सभी लोग आपसे बेहतर हैं।

मैच जीतने का कोई इरादा नहीं था- गंभीर

गंभीर ने आगे कहा कि आपने आखिरी ओवर में जो किया अगर वह फाफ के साथ नंबर 4 या 5 पर आकर करते ,तो आप मैच जीत सकते थे। शायद मैच जीतने का कोई इरादा नहीं था। मुझे लगा कि पहले छह ओवरों के बाद टीम ने हार मान ली थी। शायद एमएस ने लय प्राप्त करने के लिए अंत तक बल्लेबाजी की, ताकि वह आगे के मैचों में अच्छी पारी खेल सकें।