WHO: कोरोना वायरस के म्यूटेशन पर है अधिक शोध की आवश्यकता

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की महामारी विज्ञानी मारिया वान केरकोव ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस के म्यूटेशन (रूप बदलने) के प्रभाव पर बहुत अधिक शोध की आवश्यकता है। जिनेवा में एक प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा, ‘म्यूटेशन की पहचान करने के लिए एक विशेष कार्य समूह बनाया गया है और हम देख रहे हैं कि हम कैसे म्यूटेशन के मतलब को बेहतर समझ सकते हैं और ये कैसे व्यवहार करता है।’

रायटर्स के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक तौर पर 22.78 मिलियन से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और 792,837 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत की बात करें तो गुरुवार को एक ही दिन में 68,898 नए मामले सामने आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या 29,05,823 हो गई है। वहीं, 983 मौत के साथ 54,849 लोगों को इस महामारी से अपनी जान गंवानी पड़ी है। कोरोना से होने वाली मृत्यु दर गिरकर 1.89 फीसदी हो गई है। मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 74.30 प्रतिशत पहुंच गई।

मंत्रालय के मुताबिक देश में अभी कोविड-19 संक्रमित 6,92,028 मरीजों का का इलाज जारी है, जो अब तक आए कुल मामलों का 23.82 प्रतिशत है। देश में सात अगस्त को कोरोना के मामले 20 लाख के पार पहुंचे थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 20 अगस्त तक कुल 3,34,67,237 नमूनों की कोविड-19 के लिए जांच की गई, जिनमें से 8,05,985 नमूनों की जांच बृहस्पतविार को ही की गई।

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