आम आदमी को मिलेगी राहत! एक और प्रोत्‍साहन पैकेज जल्द लेकर आएगी सरकार, वित्त मंत्री ने दिए संकेत

259

कोरोना संकट के बीच देश की अर्थव्‍यवस्‍था को सहारा देने के लिए केंद्र सरकार तीसरा प्रोत्‍साहन पैकेज लेकर आएगी. केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण देश के सामने पैदा हुए हालात से निपटने के लिए सरकार के पास एक और प्रोत्‍साहन पैकेज का विकल्‍प मौजूद है. साथ ही उन्‍होंने बताया कि सरकार ने सकल घरेलू उत्‍पाद में गिरावट के कारणों का आकलन करना शुरू कर दिया है. इससे केंद्र को कुछ अहम जानकारी मिली है. हम या तो संसद में या लोगों के सामने इस आकलन के साथ आएंगे.

वित्त मंत्री सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों को खर्च बढ़ाने का सख्‍त निर्देश भी दिया है. उन्‍होंने कहा है कि बड़ी पीएसयू कंपनियां साल 2020-21 के योजनाबद्ध पूंजीगत खर्च का 75 प्रतिशत हिस्‍सा दिसंबर 2020 तक पूरा करें. इससे देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़े कोविड-19 के बुरे असर को कम करने में मदद मिलेगी. कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिवों और इनसे जुड़ी 14 पीएसयू कंपनियों के चेयरमैन व प्रबंध निदेशकों के साथ ऑनलाइन बैठक में उन्होंने पूंजीगत योजनाओं पर तेजी से काम करने की अपील की.

अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए वित्त मंत्री की चौथी बैठक में पीएसयू कंपनियों की परफॉर्मेंस की समीक्षा करते हुए सीतारमण ने कहा कि उनकी ओर से किया जाने वाला पूंजीगत खर्च आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने में बहुत मददगार होगा. इसलिए उन्हें 2020-21 और 2021-22 के लिए पूंजीगत खर्च में तेजी लाने की जरूरत है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संबंधित मंत्रालयों के सचिवों से केंद्रीय पीएसयू कंपनियों के प्रदर्शन पर करीबी नजर रखने और दिसंबर तक उनके 2020-21 के तय पूंजीगत खर्च का 75 फीसदी खर्च सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

वित्‍त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत खर्च के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पीएसयू कंपनियों के चेयरमैन और प्रबंध निदेशकों के साथ संबंधित मंत्रालयों के सचिवों को ज्यादा समन्वय के प्रयास करने होंगे. बता दें कि 2019-20 में 14 केंद्रीय पीएसयू कंपनियों ने कुल 1,11,672 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा था, लेकिन उनका खर्च 104 प्रतिशत यानी 1,16,323 करोड़ रुपये रहा. चालू वित्त वर्ष के लिए इन कंपनियों ने 1,15,934 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा है. इसमें सितंबर 2020 तक पहली छमाही में 37,423 करोड़ रुपये यानी 32 फीसदी लक्ष्य हासिल किया गया है, जबकि 2019-20 की पहली छमाही में यह 39 फीसदी यानी 43,097 करोड़ रुपये था.